टीआरपी डेस्क। प्यार और त्याग का संदेश लिए वैलेंटाइन डे बस कुछ ही दिनों में आपके दिल का दरवाजा खटखटाने वाला है। जी हां 7 फरवरी रोज डे के साथ वैलेंटाइन वीक शुरू हो जाएगा। वैलेंटाइन वीक 7 फरवरी, रोज डे से शुरू होकर 14 फरवरी, वैलेंटाइन डे पर खत्म होता है।

प्रेमी जोड़े पूरे साल इस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं। वैलेंटाइन डे पर एक दूसरे को गिफ्ट देने और प्यार का इजहार किया जाता है, ये तो सब जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं आखिर क्यों और कब से हुई इस खास दिन को मनाने की शुरूआत। आखिर क्यों प्यार के इस त्योहार को लोगों ने दिया वैलेंटाइन डे का नाम।

संत के नाम से जुड़ा है वैलेंटाइन डे का इतिहास

‘ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन’ किताब में मौजूद जिक्र के अनुसार यह खास दिन रोम के एक संत वैलेंटाइन की याद में मनाया जाता है। माना जाता है कि संत वैलेंटाइन दुनियाभर में प्यार का संदेश बांटते थे।

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संत वैलेंटाइन की यह बात उस समय रोम के सम्राट रहे क्लाउडियस को बिल्कुल पसंद नहीं थी। क्लाउडियस को लगता था कि रोम के लोग अपने परिवार और पत्नी के साथ मजबूत लगाव होने की वजह से सेना में भर्ती नहीं हो रहे हैं।

क्लाउडियस अपने किसी भी सैनिक को शादी नहीं करने देता था। सम्राट क्लाउडियस की इस सोच का संत वैलेंटाइन ने विरोध करते हुए एक जोड़े की शादी करवा दी। उनके ऐसा करने पर राजा क्लाउडियस ने 14 फरवरी को संत वैलेंटाइन को सूली पर चढ़ा दिया था।

इसलिए शुरू हुआ वैलेंटाइन डे पर फूल देने का चलन

संत वैलेंटाइन जब जेल में थे तो लोग उन्हें प्यार से फूल और तरह-तरह के उपहार भेंट में दिया करते थे। संत वैलेंटाइन ने मरने से पहले राजा के मुख्य जेलर को एक चिट्ठी लिखी और मरने के बाद अपनी आंखें उसकी अंधी बेटी को देने की बात कही। संत वैलेंटाइन की मौत के बाद उन्हें याद करते हुए हर साल उनकी याद में यह प्यार का दिन मनाया जाने लगा।

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