नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के समाज कल्याण विभाग में हुए करीब 1000 करोड़ के निशक्तजन एनजीओ घोटाले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद सीबीआई की जांच पर रोक लग गई है। निशक्तजन घोटाले में उच्च न्यायालय बिलासपुर में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।

इसके विरोध में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड ने एक याचिका उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली में दायर की थी, जिस पर गुरुवार 13 फरवरी को सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली ने सीबीआई जांच पर रोक लगाते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी करने का आदेश किया। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता पीपी पठालिया ने पैरवी की।

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बता दें कि 31 जनवरी को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में न्यायालय ने सीबीआई को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद रेरा अध्यक्ष विवेक ढांढ ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती दी थी।

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विवेक ढांढ की तरफ से उनके वकील अवि सिंह ने न्यायालय के सामने अपना पक्ष रखा। मामले में तीन जजों की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दिया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शासन, सीबीआई और याचिकाकर्ता कुंदन ठाकुर को नोटिस जारी कर चार हफ्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

वहीं कुंदन ठाकुर ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैवियेट दाखिल किया था। हाईकोर्ट के आदेश पर अब सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक रोक जारी रहेगी।

आपको बता दें हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। सीबीआई की टीम ने मामले से जुड़े अधिकारियों का बयान दर्ज करना शुरु कर दिया है। वहीं कल ही याचिकाकर्ता कुंदन ठाकुर को उनका स्टेटमेंट रिकॉर्ड करने के लिए बुलाया था।

क्या है मामला

समाज कल्याण विभाग में कागजों पर फर्जी संस्था बनाकर 1 हजार करोड़ के घोटाले को लेकर याचिकाकर्ता कुंदन ठाकुर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को 7 दिनों में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।

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इस मामले में हाईकोर्ट ने कई आईएएस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच किये जाने का केन्द्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय को आदेश भी दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी और इस मामले से जुड़े अधिकारियों से भी पूछताछ भी शुरु कर दी थी।

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