नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार हार के बाद कांग्रेस में बयानबाजी का दौर शुरू हो चुका है। अब दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने इशारों में आलाकमान और वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधा है। शशि थरूर ने भी संदीप दीक्षित के इस बयान का समर्थन करते हुए पार्टी अध्यक्ष के चुनाव की मांग की है।

संदीप दीक्षित ने एक अखबार के साथ बातचीत में कहा था कि इतने महीनों के बाद भी कांग्रेस के नेता नया अध्यक्ष नहीं चुन सके हैं। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि वरिष्ठ कांग्रेसी यह सोचकर डरते हैं कि बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे। पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस के पास नेताओं की कमी नहीं है, कांग्रेस में कई नेता हैं जो अध्यक्ष बन कर पार्टी का नेतृत्व कर सकते हैं। वरिष्ठ नेताओं पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि कभी-कभी आप निष्क्रियता चाहते हैं क्योंकि आप नहीं चाहते हैं कि कुछ हो।

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संदीप दीक्षित ने कहा, ‘हम वास्तव में अपने वरिष्ठ नेताओं से निराशा महसूस कर रहे हैं। उन्हें आगे आना होगा। उनमें से अधिकांश, जो राज्यसभा हैं, जो पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं, यहां तक कि हमारे कुछ वर्तमान सीएम भी हैं जो बहुत वरिष्ठ हैं, मुझे लगता है अब समय है कि वो लोग आगे आएं और पार्टी को आगे बढ़ाएं।’

उन्होंने कहा कि पार्टी में अमरिंदर सिंह, अशोक गहलोत, कमलनाथ हैं वो एक साथ क्यों नहीं आते हैं, अन्य लोगों को इधर-उधर करते हैं? इसके अलावा एके एंटनी, पी चिदंबरम, सलमान खुर्शीद, अहमद पटेल भी हैं। इन सभी ने कांग्रेस के लिए बहुत कुछ किया है। वे अपनी राजनीति की शाम में हैं, उनके पास शायद चार या पांच साल हैं। मुझे लगता है कि यह उनके लिए बौद्धिक रूप से योगदान करने का एक अच्छा समय है। वे नेतृत्व चयन प्रक्रिया में, केंद्र में या राज्यों में या कहीं और जा सकते हैं।

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संदीप दीक्षित इन मामलों पर सवाल उठाने वाले अकेले नहीं हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने राय दी थी कि पार्टी को अपने पुनर्गठित करने की जरूर जोकि ‘काफी समाजवादी’ बनी हुई है और धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीयता के ब्रांड के सवाल पर स्पष्टता ला रही है।

इसके बाद शशि थरूर ने अपने ट्वीट में कहा कि, ‘संदीप दीक्षित जो कह रहे हैं, वह देश भर में पार्टी के दर्जनों नेता कह रहे हैं। इनमें से कई पार्टी के महत्वपूर्ण पदों पर हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि मैं सीडब्ल्यूसी से आग्रह करता हूं कि कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करने के लिए नेतृत्व का चुनाव कराएं।

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