सरकार पर आरोप लगाया कि बारदाने की कृत्रिम कमी पैदा कर धान खरीदी अघोषित रूप से बंद कर दी है

रायपुर। केशकाल में धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों के ऊपर लाठीचार्ज के मामले ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। लाठीचार्ज मामले में गठित जांच दल की रिपोर्ट आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पाण्डेय समेत भाजपा के तमाम आला नेताओं ने गुरुवार को राजभवन में राज्यपाल अनुसूईया उइके से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और सरकार से धान खरीदी के संबंध में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।

ज्ञापन में भाजपा ने कहा है कि किसानों से बड़े-बड़े वादे करके प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सत्तासीन हुई थी। उन वादों में ‘न्यूनतम 2500 रुपये प्रति क्विंटल में, न्यूनतम 15 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी, 2 वर्ष का बकाया बोनस भुगतान, सभी किसानों की पूरी तरह से कर्जमाफी एवं मुफ्त बिजली समेत अन्य वादे शामिल थे।

ये सारे वादे गंगाजल हाथ में लेकर किये गए थे। सत्ता में आ जाने के बाद न केवल कांग्रेस की सरकार अपने तमाम वादों से मुकर गई, बल्कि अपने धान खरीदने में बदनीयती से पैदा की गई सरकारी अव्यवस्था से किसानों में सरकार के खिलाफ भयंकर आक्रोश है। प्रदेश में धान खरीदी की अव्यवस्था चरमसीमा पर है।

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खरीदी केन्द्रों में पंजीकृत किसानों को टोकन देने के बाद भी बारदाने की कृत्रिम कमी पैदा कर धान खरीदी अघोषित रूप से बंद कर दी गई है। प्रदेश भर में किसान रातदिन अपनी उपज के साथ सोसायटी में समय काटने मजबूर हैं।

कांकेर के केशकाल में लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के ऊपर लाठीचार्ज किया गया। प्रशासन की दमनात्मक कार्रवाई से बड़ी संख्या में किसान घायल हुए हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि भाजपा की पांच सदस्यीय जांच समिति वहां पहुंचकर पीड़ित किसानों से मुलाकात की। वे काफी भयभीत और आतंकित हैं।

सीएम विदेश में, सरकार में एक भी जवाबदार नहींः डॉ. रमन

राज्यपाल से मुलाकात के बाद पूर्व सीएम और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि सीएम भूपेश बघेल विदेश में है। छत्तीसगढ़ सरकार का एक भी जवाबदार व्यक्ति नहीं है जो किसानों की तकलीफ और समस्याओं को समझ कर उसका निराकरण कर सके। हमने सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।

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धान खरीदी के नियमों में कितने बार परिवर्तन किए गए इसकी जानकारी श्वेत पत्र में दी जाए। धान खरीदी की मियाद 15 और बढ़ाने की मांग हमने की है। किसानों को समस्याओं को देखकर सबके मन मे पीड़ा हो रही है। इसी पीड़ा को बताने महामहिम के पास आए थे किसान धान खरीदने के लिए जा रहा है। उनपर लाठी चल रही है।

किसानों के ऊपर अत्याचार हो रहा है। पूरे छत्तीसगढ़ में किसान सोसाइटी के सामने रात भर जग रहे हैं। छत्तीसगढ़ में हालत यह है कि मुख्यमंत्री अमेरिका के दौरे में हैं, मुख्य सचिव अमेरिका के दौरे पर हैं। कोई ऐसा व्यक्ति जवाब देने के लिए छत्तीसगढ़ मौजूद नहीं है, जो किसानों की समस्या का निराकरण कर सके।

सरकार की नीतियों की वजह से 15 से 16 दिन खराब हुआ है। खरीदी के लिए पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था की जाए। बारदान की व्यवस्था नहीं होने का बहाना लेकर आप धान खरीदी बंद नहीं कर सकते।

ये है भाजपा की मांग

-धान खरीदी के संबंध में राज्य सरकार श्वेत पत्र जारी करें।

-किसानों से किये गये वादे के अनुसार सरकार द्वारा दाना-दाना धान खरीदा जाए।

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– कम से कम 15 दिन खरीदी अवधि को बढाया जाए।

-सभी किसानों को टोकन उपलब्ध कराये जाए, जिन किसानों को टोकन नहीं मिला है, उन्हें टोकन जारी कर धान खरीदी की जाए।

-कांग्रेस द्वारा किये गए वादे के अनुरूप न्यूनतम 2500 रूपये प्रति क्विंटल कीमत तुरंत दिए जाए।

-पुलिसिया लाठी चार्ज में घायल हुए किसानों की मुफ्त चिकित्सा समेत उन्हें उचित मुआवजा दी जाए।

-एक जांच कमेटी गठन कर लाठी चार्ज के दोषियों की पहचान कर उन्हें दण्डित किया जाए।

– किसानों के खिलाफ प्रदेश भर में दायर तमाम मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएं।

– किसानों का दो साल का बकाया बोनस शीघ्र दिया जाय, साथ ही उन्हें नो ड्यूज जल्द से जल्द जारी किये जाएँ ताकि वे अगली फसल के लिए ऋण आदि प्राप्त कर सकें।

– धान खरीदी का लक्ष्य बढ़ा कर एक करोड़ मीट्रिक टन किया जाए। जबरन काटे गए रकबे को फिर से जोड़ा जाए।

 

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