विपक्ष ने कृष्णा सारथी और पंकज बेग की मौत पर सरकार को घेरा

रायपुर। विधानसभा में बुधवार को पुलिस कस्टडी में हुई मौत मामले पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्यों ने कृष्णा सारथी और पंकज बेग की मौत पर सरकार को घेरा। विपक्षी सदस्यों की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधानसभा की कमेटी से जांच के आदेश दिए।

आज सदन में पुलिस कस्टडी में हुई सूरजपुर में कृष्णा सारथी, पंकज बेग की मौत का मामला उठा, तो वहीं दुर्ग जेल में राजकुमार देवांगन का मामला भी गूंजा। भाजपा के सीनियर विधायक बृजमोहन अग्रवाल के सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जांच के निर्देश दिए।

सदन में मंत्री ने पंकज बेग की आत्महत्या को पुलिस कस्टडी में मौत नहीं कहा। बताया गया कि पंकज बेग ने हिरासत से भागकर दूसरी जगह आत्महत्या की थी, इसलिए उसे पुलिस कस्टडी में मौत नहीं कहा जा सकता।

विपक्ष ने इस जवाब पर तीखा ऐतराज जताया। विपक्ष का आरोप था कि इस मामले में एफआईआर दर्ज किया गया था, गिरफ्तारी भी हुई थी, लेकिन अब जेल से निकलने के बाद आरोपी धमकाने का काम कर रहे हैं। बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं।

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वहीं कृष्णा सारथी के मुद्दे पर विपक्ष कहा कि दवाब में कृष्णा सारथी को बिना किसी अपराध पंजीकृत किए ही थाने लाया गया और उसकी पिटाई की गई और बाद में उसे फांसी पर लटका दिया गया। विपक्ष ने सरकार ने जानना चाहा कि इस प्रकरण में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई है। वहीं परिजनों को अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।

बृजमोहन अग्रवाल के स्वाल के बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर, नारायण चंदेल, शिवरतन शर्मा और सौरव सिंह ने इस मामले पर सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े किए।

इस प्रकरण की जांच विधानसभा की कमेटी से कराने की मांग की। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत ने कहा कि इस सवाल को लेकर सदस्य काफी उद्वेलित हैं, इसलिए इसकी जांच विधानसभा की समिति से कराई जाएगी।

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