नई दिल्ली। कांग्रेस के युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा प्रवेश कराने में भाजपा के ही युवा नेता ने अहम भूमिका निभाई। आखिरकार वह नाम सामने आ ही गया। बीते एक हफ्ते से कयास लगाए जा रहे थे कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा के बीच ऑपरेशन लोटस की ‘डील’ कैसे हुई?

इसके सूत्रधार के रूप में नाम सामने आया है भाजपा प्रवक्ता और पूर्व बैंकर जफर इस्लाम का। भाजपा नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को खासतौर पर जफर इस्लाम के साथ बैकअप के तौर पर लगाए रखा।

BJP leader Zafar Islam got the deal between BJP and Scindia engaged for five months to complete this mission

इस बात की पुष्टि बुधवार को उस समय हुई जब ज्योतिरादित्य के भाजपा में शामिल होने से पूर्व के बीच जफर खुद उनसे मिलने दिल्ली स्थित निवास पर पहुंचे और कैमरों में कैद हो गए। सिंधिया के साथ करीब 35 मिनट की बातचीत के बाद 2 बजकर 10 मिनट पर खुद जफर इस्लाम उन्हें उनकी ही लैंड रोवर गाड़ी में लेकर भाजपा मुख्यालय की ओर रवाना हो गए।

कौन हैं जफर इस्लाम

जफर इस्लाम का पूरा नाम डॉ. सैयद जफर इस्लाम हैं और वे भाजपा का मुखर और उदारवादी मुस्लिम चेहरा हैं। भाजपा में उनका करियर अभी सिर्फ 7 साल का है, लेकिन उनका कद तेजी से बढ़ा है। बतौर भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम मीडिया के लिए जाना पहचाना चेहरा हैं।

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टीवी चैनलों पर डिबेट में वह हर रोज भाजपा का बचाव करते हैं। भारत की राजनीति में आने से पहले जफर इस्लाम ड्यूश बैंक के एमडी थे और विदेश में कार्यरत थे। वर्तमान में वे भाजपा प्रवक्ता के अलावा एयर इंडिया के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक भी हैं।

जफर और ज्योतिरादित्य के रिश्ते पुराने

जफर और ज्योतिरादित्य सिंधिया के रिश्ते पुराने हैं। इसकी शुरुआत जफर के बैंकिंग करियर के दौरान तब हुई थी जब सिंधिया यूपीए सरकार में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री थे। मप्र की राजनीति में आने के बाद भी सिंधिया जब कभी दिल्ली में रहते थे, तो जफर से उनकी मुलाकात होती रहती थी, लेकिन जफर पिछले पांच माह से ज्योतिरदित्य को भाजपा में लाने के लिए उनसे लगातार मिल रहे थे।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हाल ही में ज्योतिरदित्य और जफर की सिलसिलेवार पांच मीटिंग्स हुई थीं। खुद सिंधिया ने अपनी तरफ से भाजपा में आने की पेशकश की थी।

भाजपा ने इसलिए किया जफर पर भरोसा

मोदी की राजनीति से प्रभावित होकर जफर इस्लाम ने भाजपा से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जफर इस्लाम के अच्छे रिश्ते हैं और वे अमित शाह व जेपी नड्‌डा की गुडबुक में भी हैं। यही वजह है कि मृदुभाषी और बेहद शालीन व्यक्तित्व के धनी जफर इस्लाम को भाजपा हाईकमान ने इतना बड़ा ऑपरेशन चलाने की जिम्मेदारी दी।

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पीएम मोदी से बेहद प्रभावित रहे हैं जफर

सैयद जफर इस्‍लाम ने कुछ समय पहले इंडियन एक्सप्रेस में अपने एक लेख में कहा था- ‘मैं फाइनेंस सेक्टर में काफी काम कर चुका था। 2013 में जब मैंने राजनीति में आने का सोचा, उस समय मैं ड्यूश बैंक का एमडी था। मैंने देखा कि कांग्रेस और दूसरी पार्टियों के नेताओं से मेरी मुलाकात हुई।

मैंने पाया कि सबको सत्ता का लालच है, इसके अलावा कोई उद्देश्य नहीं है। इसी दौरान संयोग से नरेंद्र मोदी से मेरी मुलाकात हो गई। जो उस वक्त से गुजरात के बाहर अपनी पहचान तेजी से बना रहे थे। मोदी ने गर्मजोशी से मुझसे मिलते हुए कहा कि उनके राष्‍ट्र-निर्माण के सपने के साथ जुड़ना चाहते हैं तो जुड़ सकते हैं।

जफर इस्लाम ने आगे लिखा कि मोदी ने मुझे कई स्‍तरों पर प्रभावित किया। वह बेहद कमजोर पृष्‍ठभूमि से आए हैं। उन्होंने एक साधारण घर से निकलकर अपने पेशे में कमाल की सफलता हासिल की। उनके राष्‍ट्र निर्माण के उनके सपने और मिशन ने मुझे प्रभावित किया। हालांकि इस सबके बावजूद मेरे लिए भाजपा में जाने का फैसला आसान नहीं था, ये कई अपने ही लोगों को ही मुझसे दूर कर सकता था।

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जफर कहते हैं कि, मैं अब भाजपा का राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता हूं। अब अपने लोगों में जाकर प्रधानमंत्री मोदी के विजन को पेश करता हूं। मेरे एरिया के मुस्लिम बीजेपी को लेकर अब पहले जैसे आशंकित नहीं हैं। मुझे अब हर रोज ऐसे मुस्लिम युवा मिल जाते हैं जो सबको साथ लेकर चलने और उनको असवर देने के लिए पीएम का खुले दिल से समर्थन करते हैं।

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