टीआरपी डेस्क। दुनियाभर में कोरोना वायरस का खतरा बढ़ता ही नजर आ रहा है। अब तक कोरोना से 549,137 लोग संक्रमित है, जब की 24,863 लोगो की मौत हो चुकी है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकारें युद्ध स्तर पर इस वायरस से लड़ के लिए नए-नए तरिके अपना रहे हैं। कोरोना से बचने के लिए प्रधानमंत्री ने पुरे देश में 21 दिन के लिए लॉकडाउन किया है। इस तनावभरी खबरों के बीच राहत देने वाली खबर यह है कि दुनियाभर में जहां संक्रमित मरीजों की संख्या ज्यादा है वहीं कई लोग ठीक भी हुए हैं और उन पर कई दवाएं असर कर रही हैं।

कहा ठीक हुए कितने मरीज

भारत में अब तक कोरोना के कई मरीज ठीक भी हो चुके हैं। भारत में 67 कोरोना के मरीज ठीक होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। यह आंकड़ा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। कोरोना वायरस जहां से शुरु हुआ चीन में 74,588 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि अमेरिका 1868 संक्रमित मरीज ठीक हुए। स्पेन में 7,015 मरीज ठूक हुए है तो जर्मनी में 5,673 लोग ठीक हो चुके हैं।

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भारत की सिप्ला कंपनी दवा बनाने में जुटी

चीन और अमेरिका समेत भारत भी कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटा हुआ है। भारत में जानी मानी कंपनी सिप्ला 6 महीने में कोरोना की दवा पेश कर सकती है। अगर ऐसा हुआ तो वायरस की दवा बनाने वाली सिप्ला भारत की पहली कंपनी होगी। वहीं फ्रांस में वैक्सीन बनाने और उससे 6 दिन में संक्रमित इंसान के ठीक होने का दावा किया गया है, मगर उसका टेस्ट अभी बाकी है।

कोरोना के इलाज में 7 मेडिसिन कारगर

कोरोना वायरस के इलाज के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक हालांकि टीके और दवा की खोज में लगे हुए हैं। इस बीच राहत की खबर यह है कि पहले से मौजूद दूसरी बीमारियों की सात दवाएं इस कोरोना के उपचार में फायदेमंद पाई गई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस दवाओं के भी विस्तृत परीक्षण शुरू कर दिए हैं। इनमें से दो दवाओं को इस्तेमाल करने की सलाह भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने भी डॉक्टरों को दी है।

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-‘इंटनेशनल जर्नल ऑफ एंटीमाइक्रोबियल एजेंट’ में प्रकाशित एक शोध रिपोर्ट के अनुसार, मलेरिया की दवा क्लोरोक्वीन के साथ एक एंटीबॉयोटिक एजिथ्रोमाइसिन देने से कोविड का तेज इलाज हो रहा है। शोध में पाया गया है कि क्लोरोक्वीन से छह दिन में कोविड-19 के मरीज ठीक हो रहे हैं। तुलना उन मरीजों से की गई, जिन्हें अन्य दवाएं दी गई।

-क्लोरोक्वीन के साथ एजिथ्रोमाइसिन देने से परिणाम और बेहतर हैं।

-ICMR ने जिन दो एंटी रेट्रो वायरल दवाओं को आजमाने की सिफारिश की है उनमें लोपिनावीर तथा रिटोनावीर दवाएं हैं। ये एचआईवी/एड्स के इलाज में इस्तेमाल होती हैं। चीन, भारत समेत कई देशों में कोविड रोगियों पर ये दवाएं आजमाई जा चुकी हैं और इससे फायदा भी हुआ है।

कोरोना के इलाज में अब तक सबसे ज्यादा असरदार जापानी फ्लू की दवा फविप्रिरावीर। इसे कोविड के मरीज रिकॉर्ड चार दिन में ठीक हुए हैं।

ईबोला की दवा रेमडेसीवीर भी कोविड में प्रभावी रही है। यह दवा सार्स और मर्स बीमारियों में भी कारगर रही थी।

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कुछ देशों में बर्ड फ्लू की दवा टेमिफ्लू को लेकर भी अच्छे नतीजे आए हैं।

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