मैड्रिड। कोरोना वायरस की वजह से स्‍पेन में खौफ का माहौल है। बीते 48 घंटों में 1661 लोगों की मौत से यहां लोगों के दिल और दिमाग में मौत का खौफ साफतौर पर देखा जा सकता है।
स्‍पेन में 30 मार्च को जहां 913 लोगों की जान गई थी वहीं 31 मार्च को इनकी संख्‍या 748 थी,आज के आंकड़े अभी आना बाकी हैं।

चर्च में ताबूतों की लाइन

स्‍पेन में इस वक्‍त हर मृतकों के ताबूत देखे जा सकते हैं। हर चर्च में कई ताबूतों को अंतिम रस्‍म अदायगी के लिए रखा जा रहा है। आलम ये है कि यहां पर इनको रखने की जगह भी कम पड़ रही है। इसकी वजह से सरकार और प्रशासन कुछ इमारतों और हॉल को मुर्दाघर के तौर पर इस्‍तेमाल कर रहे हैं। डाइचे वेले, अलजजीरा समेत कुछ दूसरे अखबारों ने स्‍पेन की स्‍थानीय मीडिया के हवाले से बताया है कि यहां पर ताबूतों को रखने के लिए राजधानी मैड्रिड की डगनट बिल्डिंग और आइस स्केटिंग हॉल को भी मॉरच्यूरी में बदल दिया है।

अपनों को अंतिम विदाई देने भी नहीं जा पा रहे हैं लोग

यहां पर लोगों की समस्‍या सिर्फ तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस को लेकर तक ही सीमित नहीं है बल्कि लोग अपनों को अंतिम विदाई देने भी नहीं जा पा रहे हैं। स्‍पेन में बढ़ रही मौतों के आंकड़े के बीच एक खबर ये भी है कि स्‍पेन ने चीन से हजारों की तादाद में आए सेफ्टी इक्‍यूपमेंट्स को खराब क्‍वालिटी की वजह से लेने से इनकार कर दिया है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक जिन चीजों को स्‍पेन की सरकार ने खराब क्‍वालिटी की वजह से लेने से इनकार किया है उनमें टेस्टिंग किट भी शामिल हैं।

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कारगर नहीं रही चीन से भेजी गई सेफ्टी इक्‍यूपमेंट्स और टेस्टिंग किट

स्‍पेन सरकार के मुताबिक इन किट के इस्‍तेमाल का कोई फायदा नहीं हुआ है। ये किट मरीज में इस वायरस की पुष्टि करने में विफल रही है। बीबीसी ने स्‍पेन सरकार के हवाले से ऐसी किट की मात्रा करीब 60 हजार तक बताई है। इस खबर के सामने आने के बाद स्‍पेन में मौजूद चीन के दूतावास की तरफ से एक ट्वीट कर सफाई भी दी गई है कि जिस कंपनी को स्‍पेन ने किट का ऑर्डर दिया था उसको इस तरह की किट बेचने का कोई लाइसेंस ही नहीं मिला है। इस कंपनी का शेनजेन बायोइजी बायोटेक्‍नोलॉजी है।
बता दें कि चीन के इक्‍यूपमेंट को खारिज करने वाले देशों में केवल स्‍पेन ही शामिल नहीं है बल्कि डच सरकार और तुर्की की सरकार भी ऐसा ही कदम उठा चुकी है। तुर्की सरकार के मुताबिक चीन से आई कई टेस्टिंग किट सही नहीं निकली हैं।

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खराब किट भेजने की वजह से कहीं न कहीं चीन की किरकिरी भी हो रही है। गौरतलब है कि चीन में जिस तेजी से इसके मामले सामने आए थे उसपर उसने अब लगभग काबू पा लिया है। लेकिन दूसरे देशों में इससे मौत और मरीजों का आंकड़ा लगातारा बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि ज्‍यादातर देशों ने इसके बचाव और जांच से जुड़ी जरूरी चीजों को चीन से मंगवाया है। चीन से इस तरह के इक्‍यूपमेंट मंगवाने वाले देशों में केवल स्‍पेन, तुर्की की शामिल नहीं है बल्कि दर्जनों दूसरे देश भी इसमें शामिल हैं।

वर्ल्‍डओमीटर के आंकड़ों के मुताबिक स्‍पेन में अब तक कोरोना वायरस के 95923 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं इसकी वजह से मारे गए लोगों की संख्‍या 8464 तक जा पहुंची है। हालांकि 19259 मरीज सही भी हुए हैं। यहां पर कुल मामलों के करीब 8 फीसद मामले बेहद गंभीर हालत में हैं। आपको बता दें कि स्‍पेन में 3 मार्च को कोरोना वायरस की वजह से पहली मौत हुई थी। इसके एक सप्‍ताह बाद इसकी संख्‍या 30 हो गई थी। इसके बाद 12 मार्च में 86, 15 मार्च में 294,18 मार्च को 638 मौत यहां पर दर्ज की गई थीं। कहने का अर्थ ये है कि यहां पर हर रोज मौत का आंकड़ा दोगुनी गति से बढ़ा है। 26 मार्च को यहां एक ही दिन में करीब 8271 मामले सामने आए थे जो अब तक सबसे अधिक है।

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