नई दिल्ली/रायपुर। देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिसकी वजह से सरकार अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से तीन मई के बाद जिलों को अलग-अलग जोन के हिसाब से बांटने का काम किया गया है। देश के कई जिले रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बंटे हुए हैं। हालांकि इस बार उनके पैमानों को बदला गया है।

छत्तीसगढ़ में रायपुर को रेड जोन व कोरबा जिले को आरेंज जोन में रखा गया है। बाकी 26 जिले ग्रीन जोन हैं। बता दें कि इसके पहले रायपुर ऑरेंज जोन में और कोरबा जिला रेड जोन में था।

मंत्रालय ने कोरोना मामलों की संख्या, डबलिंग रेट और परीक्षणों के हिसाब से जिलों की नई सूची तैयार की है। जिसमें बताया गया है कि कौन सा जिला किस जोन में आता है और वहां किस तरह की सख्ती बरती जाएगी।

Coronavirus Red Zone में क्या मिलेगा
केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार, रेड जोन में होने पर सख्ती से लॉकडाउन का पालन करना होता है। यहां रह रहे लाेगा किसी भी काम से बाहर नहीं निकल सकते। इन क्षेत्रों में सरकार डोर-टू-डोर सुविधाएं उपलब्‍ध कराएगी, जिससे लोग घरों के अंदर ही रहें और संक्रमण से बचा जा सके। एहतियात के तौर पर जरूरी सेवाओं में छूट दी जाती है। हालांकि रायपुर में ग्रीन जोन की तरह ही करीब छूट दी जा चुकी है।

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Coronavirus Orange Zone में अब कोरबा
प्रदेश के कारोना हॉट स्पॉट में शामिल कोरबा के कटघोरा से पिछले 14 दिनों से कोई नया पॉजिटिव सामने नहीं आया है। वहीं जो लोग भर्ती थे, वे भी दो दिन पहले ठीक होकर घर लौट चुके हैं। हालांकि नियमानुसार, लोग खेती, छोटे व मध्‍यम उद्योग के तहत आने वाले सामान जैसे गेहूं का आटा, खाद्य तेल आदि के परिवहन परमिशन लेने के बाद कर सकते हैं। कुछ और चीजों में छूट दी जा सकती है।

प्रदेश के 26 जिले Coronavirus Green Zone में
सूरजपुर और कोरिया में नया केस सामने आने के बाद भी लिस्ट में प्रदेश के 24 अन्य जिलों के साथ उन्हें ग्रीन जोन में रखा गया है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अनुसार ग्रीन जोन ऐसे जिले या इलाके हैं जहां कोरोना का कोई भी पॉजिटिव सामने नहीं आया है। या फिर वे जिले जहां 28 दिनों से एक भी केस नहीं मिला। इन इलाकों में आवश्‍यक सेवाएं और बिजनेस मूवमेंट सरकार के नियमों के आधार पर होता है।

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केंद्रीय गृह सचिव प्रीति सूडान ने कहा कि सभी राज्यों से अनुरोध किया जाता है कि वे चिन्हित किए गए रेड और ऑरेंज जोन जिलों में कंटेनमेंट जोन और बफर जोन का परिसीमन करें और उन्हें सूचित करें।

किसी जिले को तब ग्रीन जोन माना जाएगा जब वहां पिछले 21 दिनों में कोरोना का कोई भी नया मामला सामने नहीं आएगा। सूची में 3 मई के बाद 130 जिलों को रेड, 284 को ऑरेंज और 319 जिलों को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बंगलूरू, अहमदाबाद को अब भी रेड जोन में ही रखा है। इसके अलावा महाराष्ट्र के 14, दिल्ली के 11, तमिलनाडु के 12, उत्तर प्रदेश के 19, बंगाल के 10, गुजरात के नौ, मध्य प्रदेश के 9, राजस्थान के 8 जिले रेड जोन में शामिल हैं।

केंद्रीय गृह सचिव सूडान ने कहा कि एक या अधिक नगर निगमों वाले, निगमों और जिले के अन्य क्षेत्रों को अलग-अलग इकाइयों के रूप में माना जा सकता है। यदि वे रेड या ऑरेंज जोन में आते हैं, यहां इनमें से एक या अधिक में पिछले 21 दिनों में कोई नया मामला दर्ज नहीं होता तो उन्हें आंचलिक वर्गीकरण में एक स्तर कम माना जा सकता है।

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उन्होंने आगे कहा कि बफर जोन में स्वास्थ्य सुविधाओं में आईएलआई/ एसएआरआई मामलों की निगरानी के माध्यम से मामलों की व्यापक निगरानी की जानी चाहिए। राज्यों से अनुरोध किया जाता है कि वे चिन्हित रेड और ऑरेंज जोन जिलों में कंटेनमेंट जोन और बफर जोन का परिसीमन करके उन्हें सूचित करें।

यहां देखें जिलेवार रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन की सूची

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