रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस वक्त अटकलों के बीच बड़ी खबर निकलकर आ रही है। सूत्रों की माने आने वाले दिनों में जोगी कांग्रेस का प्रदेश कांग्रेस कमेटी में विलय हो सकता है। सियासी हलकों में इसकी चर्चा तो है पर सभी बड़े नेता खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं। बता दें कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो अजीत जोगी के निधन के बाद पार्टी के कांग्रेस में विलय की अटकलों को बल मिल रहा है।

सोनिया गांधी की ओर से मैसेज आने की चर्चा


चर्चा है कि विलय करने का मैसेज सोनिया गांधी की ओर से आया है। जिसके बाद पिछले दिनों मंत्रियों की बैठक में इस मुद्दे को उठाया गया था। सूत्रों का कहना है कि सभी मंत्रियों ने इसका विरोध किया था। मंत्रियों का कहना है कि यदि जोगी कांग्रेस का कांग्रेस में विलय हुआ तो सभी विधायक भी कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे।

पीएल पुनिया ने अटकलों को किया ख़ारिज

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इधर दो दिनों के रायपुर प्रवास पर पहुंचे कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है। बता दें कि राजधानी पहुंचने के बाद पुनिया दो दिन रायपुर में ही रहेंगे, वे निगम मंडल की नियुक्तियों पर चर्चा और संगठन के कामकाज की समीक्षा करेंगे।


जेसीसी के ज्यादातर नेता सहमत मगर धरमजीत सिंह जा सकते हैं अलग रास्ते पर

बताया जा रहा है कि जोगी कांग्रेस का प्रदेश कांग्रेस कमेटी में विलय को लेकर पार्टी के संगठन नेताओं और विधायकों में भी सहमति बन सकती है। पर जोगी के करीबी रहे लोरमी पंडरिया के विधायक धरमजीत सिंह इस फैसले से असहमत हो सकते हैं। बता दें विधायक धरमजीत सिंह विधानसभा और कई राजनीतिक मंचों पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के खिलाफ काफी आक्रमक रहे हैं।

इस वजह से अटकलें लग रहीं हैं कि अगर जोगी कांग्रेस का प्रदेश कांग्रेस में विलय का फैसला होता है तो धरमजीत सिंह भाजपा के साथ जा सकते हैं। बता दें कि लोरमी पंडरिया कवर्धा के करीब ही है और कवर्धा भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का गृह क्षेत्र है ऐसे में दोनों दिग्गज नेताओं की नजदीकियां होना हैरानी वाली बात नहीं है। ऐसे में धरमजीत सिंह अपनी पारी की शुरुआत करने के लिए भाजपा का भगवा थामने का फैसला ले सकते हैं।

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