नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट लॉकडाउन की अवधि के दौरान निजी कंपनियों के कर्मचारियों को पूरा वेतन देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट आज शुक्रवार को फैसला सुनाएगा। कोर्ट ने 4 जून को आदेश को सुरक्षित रख लिया। कोर्ट के आदेश से आज तय होगा कि कर्मचारियों को लॉकडाउन का पूरा वेतन मिलेगा या नहीं। उद्योगों ने सरकार के 29 मार्च के आदेश को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि आगामी आदेश तक कर्मचारियों को पूरा वेतन ( Salary ) नहीं देने पर कंपनी मालिकों पर कोई कार्रवाई न की जाए और केन्द्र सरकार से एक सप्ताह में जवाब मांगा था। बता दें कि कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थता जताते हुए कुछ उद्योगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

17 मई को वापस लिया आदेश

बता दें कि 4 जून को केंद्र सरकार ने कहा था कि कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का आदेश जारी करना जरूरी था। बिना औद्योगिक गतिविधि के उन्हें पूरा वेतन दिया जाए। लेकिन, गतिविधियों को इजाजत देने के साथ ही 17 मई को उस आदेश को वापस ले लिया गया।

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सरकार से संतुष्ट नहीं उद्योग

उद्योगों का कहना है कि 29 मार्च से 17 मई के बीच के 54 दिनों का पूरा वेतन देने में वह असमर्थ है। उनकी दलील थी कि सरकार को उद्योगों की मदद करनी चाहिए। वहीं, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी सवाल किया था कि बंद पड़े उद्योगों की क्या सरकार मदद करेगी?

50 फीसदी वेतन देने का एक्ट

जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने सवाल किया कि इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट के तहत ऐसी स्थिति में उद्योगों को कर्मचारियों को 50 फीसदी वेतन देने के लिए कहा जा सकता है, लेकिन सरकार 100 फीसदी वेतन देने की बात कर रही है। इस पर सरकार की तरफ से एटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा, “आदेश के पीछे सरकार की नीयत मजदूरों के हित की है।

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