टीआरपी डेस्क। कोरोना वायरस महामारी के बीच आज चुनाव आयोग ने देश में चुनाव आयोजित करने को लेकर एक बड़ी घोषणा की है। चुनाव आयोग ने देश भर में एक साथ बिहार विधानसभा और 65 सीटों पर उपचुनाव कराने जाने का फैसला लिया है। चुनाव आयोग के मुताबिक, आयोग ने एक समय के आस पास सभी 65 सीटों पर उपचुनाव और बिहार का विधानसभा चुनाव कराने का निर्णय लिया है।

चुनाव आयोग ने एक समय पर बिहार विधानसभा और 65 सीटों पर उपचुनाव कराने के फैसले को लेकर एक ठोस वजह बताई है। आयोग के मुताबिक, उन्हें एक साथ जोड़ने के प्रमुख कारकों में से एक सीएपीए (CAPF) अन्य कानून और व्यवस्था बलों और चुनाव से जुड़े अन्य लॉजिटिक्स के एक साथ काम इस्तेमाल करना है। चुनाव की तारीखों को लेकर हो रहे सवालों पर भी चुनाव आयोग ने तस्वीर साफ की है। आयोग ने कहा, बिहार विधानसभा चुनाव और साथ ही उपचुनावों के तारीखों का ऐलान आयोग द्वारा उचित समय पर कर दिया जाएगा।

See also  कोविशील्‍ड VS कोवैक्‍सीन: Corona Vaccination को लेकर दोनों वैक्सीन में अंतर समझ लीजिये

इससे पहले देश में कोरोना वायरस महामारी के दौरान चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिनमें कुछ मानकों के साथ रैलियों और घर-घर प्रचार की अनुमति प्रदान कर दी गई है। इसके अलावा मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के बटन दबाने के लिए वोटरों को ग्लव्स (दस्ताने) उपलब्ध कराए जाएंगे जो संभवत: डिस्पोजेबल होंगे।

बिहार विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को हो रहा खत्म

बिहार विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर तक है। राज्य में उससे पहले चुनाव और नई सरकार का गठन होना है। अगर कम चरणों में मतदान होता है तो आयोग आसानी से मतदान की तिथियों को नवंबर के दूसरे सप्ताह तक खींच सकता है। कोरोना काल मे इससे थोड़ा वक्त भी मिलेगा और बहुत लंबी प्रक्रिया से भी राहत मिलेगी।सामान्यतया कई चरणों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के लिए इस बार संभवत: अधिकतम दो चरणों में मतदान कराया जा सकता है।

See also  शारदा चिटफंड केस: पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार की जल्द हो सकती है गिरफ़्तारी, CBI की 5 ठिकानों पर छापेमारी
यह भी देखें

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।