टीआरपी डेस्क। दिल्ली में 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में नोएडा पुलिस ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर एवं 6 पत्रकारों समेत 8 लोगों के खिलाफ राजद्रोह एवं अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया है।

किसान प्रदर्शन से संबंधित अपुष्ट खबरें चलाई तथा किए ट्वीट

नोएडा के सेक्टर 20 थाने में यह मामला एक समाजसेवी की शिकायत पर दर्ज कराया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने 26 जनवरी को दिल्ली में हिंसक किसान प्रदर्शन से संबंधित अपुष्ट खबरें चलाई तथा ट्वीट किए। इन पर देशद्रोह समेत आपराधिक षडयंत्र और शत्रुता को बढ़ावा देने सहित आईपीसी के तहत कई आरोप लगाए गए हैं।

इन लोगों के खिलाफ दिल्ली से सटे शहर नोएडा के एक थाने में स्थानीय निवासी द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एफआईआर में थरूर और पत्रकारों पर उनके “डिजिटल प्रसारण” और “सोशल मीडिया पोस्ट” के लिए आरोपी बनाया गया है। एफआईआर के मुताबिक, इन लोगों ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि लाल किले की घेराबंदी और ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा में दिल्ली पुलिस ने एक किसान को गोली मार दी थी।

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समाजसेवी ने दर्ज कराई रिपोर्ट

पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) राजेश एस ने बताया कि अर्पित मिश्रा नामक समाजसेवी ने थाना सेक्टर 20 में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी में राजदीप सरदेसाई, मृणाल पांडे, जफर आगा, परेशनाथ, अनंतनाथ तथा विनोद के जोस सहित आठ लोगों के नाम लिए गए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकी में भादंसं के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। नोएडा पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

शिकायतकर्ता ने कहा कि सुनियोजित साजिश के तहत गलत जानकारी प्रसारित की गई कि आंदोलनकारी को पुलिस ने गोली मार दी। यह जानबूझकर इस उद्देश्य से कहा गया कि बड़े पैमाने पर दंगे हों और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव उत्पन्न हो। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर 7 नामजद और 1 अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 153a, 153b, 295a, 298, 504, 506, 505, 124a, 34, 120b और 66 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन, हजारों प्रदर्शनकारी किसान तीनों नए कृषि कानूनों के विरोध में ट्रैक्टर रैली के दौरान पुलिस के साथ भिड़ गए थे। इस दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारी ऐतिहासिक लाल किले में जबरन घुस गए थे और पुलिस से हिंसक झड़पें की थीं। लाल किले हिंसा के लिए दिल्ली पुलिस ने पहले ही पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू और गैंगस्टर से एक्टिविस्ट बने लाखा सिधाना को एफआईआर में आरोपी बनाया है।

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