15 हजार यात्रियों को मिली राहत, 12 फरवरी से 10 महीने बाद पटरी पर दौड़ेंगी 12 स्पेशल लोकल ट्रेनें, मगर देना होगा ज्यादा किराया
15 हजार यात्रियों को मिली राहत, 12 फरवरी से 10 महीने बाद पटरी पर दौड़ेंगी 12 स्पेशल लोकल ट्रेनें, मगर देना होगा ज्यादा किराया

टीआरपी डेस्क। लॉकडाउन में बंद लोकल ट्रेनें 10 माह बाद, शुक्रवार से स्पेशल ट्रेनों के तौर पर शुरू होने जा रही हैं। राजधानी रायपुर के स्टेशन से पहले दिन पांच ट्रेनें चलेंगी। इसके बाद 13, 14 और 15 फरवरी से बची हुई सात और लोकल ट्रेनें भी शुरू कर दी जाएंगी। सभी 12 लोकल ट्रेनों को चलाने के लिए रेलवे ने बुधवार को टाइम-टेबल जारी कर दिया है।

यात्रियों को कोरोना नियमों का पालन करते हुए सफर करना होगा। यानी मास्क और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए जितनी सीट बैठने के लिए तय है, उतना ही टिकट जारी होगा।

कोरोना आपदा के कारण देशव्यापी लॉकडाउन 24 मार्च 2020 को लगते हुए ट्रेन परिचालन ठप हो गया था। रायपुर रेल मंडल ने लोकल ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अभी तक केवल एक रिफंड के लिए जनरल काउंटर खोला गया था, अब 12 फरवरी से मुख्य यात्री गेट के पास और गुढिय़ारी तरफ के जनरल टिकट काउंटर खुल जाएंगे और जनरल टिकट काउंटर के सामने सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोलघेरा बनाया जाएगा। रेल अफसरों के अनुसार लोकल ट्रेनों की समय सारिणी पुरानी ही रहेगी। उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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12 फरवरी को पहले दिन ये ट्रेनें चलेंगी

पहले दिन 12 फरवरी को जो लोकल ट्रेनें चलेंगी उनमें बिलासपुर से रायपुर, रायपुर से बिलासपुर, रायपुर से दुर्ग, दुर्ग से रायपुर, रायपुर से गोंदिया लोकल ट्रेनें चलेंगी।

13 फरवरी से ये ट्रेनें

13 फरवरी को जिन लोकल ट्रेनों को चलाना तय किया है, उनमें बिलासपुर से रायपुर, रायपुर से गोंदिया, गोंदिया से बिलासपुर, गोंदिया से रायपुर पैसेंजर ट्रेन के यात्री सफर करने लगेंंगे।

14 फरवरी को दो और 15 को एक

रेलवे प्रशासन ने एक साथ 12 पैसेंजर ट्रेन चलाने के बजाय अलग-अलग तारीख पर चलाना शुरू करने का निर्णय लिया है। 14 फरवरी को रायपुर से बिलासपुर और रायपुर से दुर्ग लोकल चलना शुरू होगी और 15 फरवरी को दुर्ग से रायपुर लोकल को चलाना तय किया है।

लोकल के 15 हजार यात्री रहे परेशान

लोकल ट्रेनें नहीं चलने के कारण हर दिन 15 हजार यात्रियों को हलाकान होना पड़ा। राजधानी के आसपास के जिलों से अप-डाउन करने वाले यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों में 10 गुना अधिक किराया देकर या फिर खुद के वाहनों कार, मिनी बसों से सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा। अब उन्हें राहत मिलने जा रही है।

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