मंत्रालय में गांधी की प्रतिमा पर बवाल, विपक्ष का आरोप- पुरानी खंडित मूर्ति लगाकर नए का लिया गया भुगतान
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टीआरपी डेस्क। छत्‍तीसगढ़ में राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की पुरानी प्रतिमा को लेकर बवाल हो गया है। शून्यकाल शुरु होते ही विपक्ष ने गांधी प्रतिमा में भ्रष्टाचार का ऐसा बम फोड़ा कि सदन देर कुछ देर तक निःशब्द हो गई। मंत्रालय में यह मुद्दा विधानसभा में विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया।

बृजमोहन अग्रवाल ने सदन से कहा कि “मंत्रालय में गांधी जी की नई मूर्ति के नाम पर पुरानी खंडित मूर्ति लगाकर उसका खर्च बता दिया गया। मसला यहां तक नहीं रुका बल्कि उसका लोकार्पण भी मुख्यमंत्री से करा दिया गया।” अग्रवाल ने कहा कि गुलाबी गांधी के चक्कर में सरकार पुरानी प्रतिमा का अनावरण करा रही थी। इसके लिए दो अधिकारियों को नोटिस भी दिया गया है।

इसके साथ ही शिवरतन शर्मा ने कहा कि पुरानी प्रतिमा स्थापित की गई और अनावरण मुख्यमंत्री से कराया गया। बिल कलाकार के नाम पर प्रस्तुत नहीं किया गया बल्कि संस्कृति विभाग को पेमेंट किया गया। महात्मा गांधी के नाम पर भ्रष्टाचार करने में भी यह सरकार नहीं चूक रही है।

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पैसा कमाने वाली सरकार, इसकी संवेदनशीलता मर चुकी है

इसके अलावा अजय चंद्राकर ने कहा कि पिछले वर्ष गांधीजी के नाम पर सदन का सत्र हुआ। सरकार ने कहा था कि पूरे साल गांधी के नाम पर आयोजन किया जाएगा। देश में सबसे मजबूत सरकार और गांधी के नाम पर वोट पाने वाली सरकार छत्तीसगढ़ में हैं। लेकिन इस सरकार ने गांधी पर एक भी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया। यह सरकार लहर गिन कर पैसा कमाने वाली है। सरकार की संवेदनशीलता मर चुकी है।

वहीं नारायण चंदेल ने कहा कि यह देश नहीं दुनिया की अनोखी घटना है। मंत्रालय जो प्रशासन का केंद्र बिंदु है, प्रदेश के लोग बड़ी आशा से जाते हैं और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का दर्शन करते हैं। वहां पर पुरानी मूर्ति को रंग रोगन करके लगाया जाता है। सीएम से उसका अनावरण कराया जाता है और फर्जी बिलिंग की जाती है।

जिन्हें आदर्श माना जाता है उन्हीं के नाम पर भ्रष्टाचार

आरोप लगते हुए सौरभ सिंह ने भी कहा कि पुरानी मूर्ति का रंग रोगन करके लगाया गया। इस मामले पर चर्चा कराई जाए। साथ ही रंजना साहू ने कहा कि प्रदेश सरकार गांधी के आदर्शों पर चल रही है और मंत्रालय जैसे पवित्र स्थान पर खंडित मूर्ति लगा देना। इस पर स्थगन के माध्यम से चर्चा कराएं। वहीं केएम बंधी ने कहा कि सरकार जिनको आदर्श मानती है उनके नाम पर भ्रष्टाचार कर रही है।

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नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सरकार के काम दिखाने के अलग और करने के अलग हैं। गांधीजी की फोटो लगाने से गांधी के आदर्शों पर चलने वाली सरकार नहीं हो जाती है। भ्रष्टाचार की बात रोज आ रही है, लेकिन जिनके आदर्शों पर चलने की बात हो रही है और गांधी की मूर्ति पर ही भ्रष्टाचार हो तो यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है।

कहीं उपयोग किए गए मूर्ति को लेकर आना, उसको लगाना, मुख्यमंत्री से अनावरण कराना और भुगतान के बारे में गड़बड़ी करना, कभी नहीं हुआ। गांधी की मूर्ति के नाम पर किए गए भ्रष्टाचार से पूरा छत्तीसगढ़ शर्मसार है।

बृजमोहन अग्रवाल ने की मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इतना गंभीर मामला है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को गलती स्वीकार करके इस्तीफा देना चाहिए। भाजपा विधायकों ने हंगामे और नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। सभापति धर्मजीत सिंह ने कहा कि सभी सदस्यों को बोलने का समय दिया है। आसंदी से स्थगन प्रस्ताव को आग्रह करता हूं। उसके बाद भाजपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।

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