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जज्बा : शिक्षकों ने मिलकर जब बदल दी स्कूल की सूरत

टीआरपी डेस्क। हरियाणा के नारनौंद में एक स्कूल की बदली सूरत देखकर हर कोई शिक्षकों की जमकर तारीफ़ कर रहा है. दरअसल, गांव वालों के ताने सुनकर शिक्षकों ने दिन रात मेहनत कर स्कूल की सूरत बदल डाली. जिस स्कूल में एक पौधा नहीं उग पाता था, आज वहां हरियाली छाई हुई है.

बताया जाता है कि नारनौंद के गांव भाटोल खरकड़ा के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में हेड मास्टर पवन यादव, अनिल बेरवाल, उमेद बडाला व सुरेंद्र रावत ट्रांसफर होकर आए थे। जब हेड मास्टर ट्रांसफर होकर यहां पहुंचे तो देखा कि स्कूल की चहारदीवारी व स्कूल में एक पेड़ तक नहीं था।

जब उन्होंने स्कूल की सफाई की समस्या गांव के सरपंच अनिल बेरवाल से साझा की तो उन्होंने सहयोग करते हुए पूरे स्कूल की सफाई करवा दी। इसके बाद जब उन्होंने स्कूल में पौधे लगाने का प्रयास किया है तो ग्रामीणों ने उन्हें ताना मारा कि इस स्कूल में एक पौधा उगाकर दिखा दो। 

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सुन्दर पार्क का कराया निर्माण

ताने मिलने पर स्टाफ सदस्यों ने कुछ करने की ठानी। सभी ने एक फुट मिट्टी निकालकर नहर की रेतीली मिट्टी डलवाकर दिन रात मेहनत कर वहां पर एक सुंदर पार्क का निर्माण कर दिया। सरकार की तरफ से मिली फेस लिफ्टिंग की ग्रांट से स्कूल में रंग रोगन और बेहतरीन चित्रकारी कर सरकारी स्कूल को आकर्षक रूप दे दिया। आज यह स्कूल निजी स्कूलों को टक्कर दे रहा है।  

खंडहर जैसी थी स्कूल की हालत

राजकीय प्राथमिक पाठशाला के हेड मास्टर पवन यादव ने बताया कि सितंबर 2016 में जब हम राजकीय प्राथमिक पाठशाला भाटोल खरकड़ा में पहुंचे तो स्कूल में मन ही नहीं लग रहा था। स्कूल की हालत खंडहर जैसी थी। न कोई पेड़ और न ही चहारदीवारी। ऊपर से लोगों ने ताने मारे की यहां पर एक पेड़ उगाकर दिखा दो। 

गांव के सरपंच का मिला साथ

इसके बाद उन्होंने गांव के सरपंच अनिल बामल का सहयोग लिया और आज हमें बहुत खुशी महसूस हो रही है कि हमने खंडहरनुमा स्कूल को एक सुंदर स्कूल में बदल दिया। स्कूल समय में बच्चों को पढ़ाने के बाद देर शाम तक यहां पर काम करते थे। आज भी पार्क व पेड़ पौधों की बच्चों की तरह देखभाल रखते हैं। 

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उन्होंने प्रयास किया और हमने सहयोग: अनिल बामल (सरपंच)

राजकीय प्राथमिक पाठशाला भाटोल खरकड़ा के स्टाफ सदस्य पवन यादव, अनिल बेरवाल, उमेद बडाला व सुरेंद्र रावत जब यहां पहुंचे तो स्कूल की हालत अच्छी नहीं थी। इन्होंने प्रयास किया और ग्राम पंचायत की तरफ से हमने इनका सहयोग किया जिसकी बदौलत आज जिस स्कूल में पार्क बना हुआ है। 

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