हल्दीराम कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बनने के चक्कर में व्यवसायी ने गवाएं 2.65 लाख रुपए
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टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हल्दीराम कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटर शिप लेने की चक्कर में व्यवसायी ने अपने 2.65 लाख रुपए गवां दिए। दरसल ठगों ने कंपनी के फर्जी लेटरहेड, साइन का इस्तेमाल किया था। उसके बाद बिना फिजिकल वैरिफिकेशन जब प्रोडक्ट के लिए 50% राशि 4 लाख रुपए मांगे तो व्यवसायी को शक हुआ। वह बैंक पहुंचा तो पता चला कि खाता कंपनी का नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति का है।

मोबाइल पर देखा हल्दीराम का विज्ञापन

बता दें, यह मामला तारबहार थाना क्षेत्र का है। जानकारी अनुसार, विनोबा नगर निवासी राजेश अग्रवाल व्यापार विहार में दुकान संचालित करते हैं। 17 मार्च को राजेश ने जब मोबाइल पर नागपुर स्थित हल्दीराम का विज्ञापन देखा तो उसमें बिलासपुर क्षेत्र में प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर की आवश्यकता थी। यह देखकर उन्होंने उसमें दिए मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया। जिसके बाद कॉल रिसीव करने वाले ने अपना नाम संजय शर्मा और रोहित अग्रवाल बताया।

जिसके बाद आरोपियों ने Email पर उन्हें एक फॉर्म भेजा और रजिस्ट्रेशन के लिए 25600 रुपए मांगे। इस पर राजेश ने उनके बताए PNB नागपुर के खाते में ट्रांसफर कर दिए हैं। इसके बाद 18 मार्च को कंपनी के डायरेक्टर राजेंद्र कुमार अग्रवाल और शिव किशन का साइन किया हुआ एक कंफरमेशन लेटर उनको मिला। फिर अगले ही दिन बिलिंग के नाम पर 65 हजार रुपए का इनवाइस भेजा गया।

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फिजिकल वैरिफिकेशन नहीं होने पर हुआ संदेह

इस राशि को तीन दिन में भुगतान करने की बात कही गई। जिस पर उन्होंने ने RTGS से खाते में रुपए भेज दिए। फिर सिक्योरिटी मनी के तौर पर उनसे 1.75 लाख रुपए का भुगतान करने को कहा गया। राजेश ने उस राशि का भी भुगतान कर दिया। इसके बाद बताया गया कि 8 लाख रुपए के उत्पाद भेजे जाएंगे। इसके लिए 50% 4 लाख रुपए जमा करने होंगे। आवेदन पत्र में उल्लेखित विवरण का फिजिकल वैरिफिकेशन नहीं होने पर राजेश को संदेह हुआ।

इस पर वह अपने बैंक पहुंचे और जानकारी मांगी। इस पर उन्हें बैंक से बताया गया कि जिस खाते में रुपए ट्रांसफर किए गए हैं वह हल्दीराम फ्रूट के नाम से नहीं है। वह किसी पर्सनल व्यक्ति का खाता है और अब उसमें 800 रुपए ही बचे हैं। राजेश ने पुलिस को बताया कि हल्दीराम नागपुर का नाम, मोनो पता, ई-मेल पता, प्राधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर, GST और PAN नंबर का इस्तेमाल कर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है।

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