कलेक्टर ने करीब 50 श्मशान को किया अधिग्रहित, सरकार ने कहा- पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए गौ काष्ठ से करें दाह संस्कार
कलेक्टर ने करीब 50 श्मशान को किया अधिग्रहित, सरकार ने कहा- पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए गौ काष्ठ से करें दाह संस्कार

दुर्ग में शवदाह के लिए नई जगह की तलाश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना के आंकड़े और कोरोना संक्रमित से मौत के आंकड़े चिंताए बढ़ा रही हैं। पिछले 24 घंटों में मौत के मामले में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे नंबर पर है। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा मौतें रायपुर और दुर्ग में हो रही हैं, लिहाजा यहां शवों को जलाने को लेकर प्रशासन कई तरह के इंतजाम कर रहा है।

कलेक्टर डॉक्टर एस भारतीदासन ने रायपुर और बीरगांव निगम के तहत आने वाले तकरीबन 50 श्मशान अधिग्रहित किए हैं। ऐसा इसलिए करना पड़ा क्याेंकि कुछ जगहों से कोविड संक्रमित मृतकों के अंतिम संस्कार न करने देने की शिकायतें आ रही थीं। अब श्मशान कलेक्टर के अधीन हैं।

दाह संस्कार के लिए 7 जगहें तय

कलेक्टर भारतीदासन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए एक मीटिंग ली। मीटिंग के दौरान कहा गया है कि कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो जाने पर दाह संस्कार के लिए 8-10 गांवों के बीच श्मशान भूमि को चिन्हित करें। इन जगहों पर केवल कोरोना से मृत शरीर का ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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संक्रमित के शव को श्मशान भूमि तक लाने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ यहां तक लाने का इंतजाम भी अफसर करेंगे। अभनपुर तहसील, गोबरा नवापारा सिवनी, उगेतरा, भाटापारा बेलर, तेंदुआ, गातापार, भरेंगा नाहना चंडी श्मशान घाट को कोविड मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए अधिकृत किया गया है।

नई जगहों की तलाश कर रहीं दुर्ग जिला प्रशासन

जिले में कोरोना से मरने वाले लोगों का 4 मुक्तिधामों में दाह संस्कार किया जा रहा है जिसमें भिलाई का रामनगर, रिसाली मुक्तिधाम, शिवनाथ मुक्तिधाम और भिलाई-3 है। बताया जा रहा है कि दुर्ग के मुक्तिधामों में जगह की कमी के कारण प्रशासन अब 2 अन्य जगहों को देख रह रहा है। दो दिन पहले रिसाली इलाके में ट्रक में भरकर लाशें जलाने के लिए लाई गई थी जिसका एक वीडियो वायरल हुआ था।

मंत्री डहरिया को पेड़ों की बलि की चिंता!

नगरीय प्रशासन विभाग की तरफ से दाह संस्कार में गाय के गोबर से बनी लकड़ी नुमा स्टिक का उपयोग करने का आदेश दिया गया है। विभाग का दावा है कि मंत्री शिव डहरिया की दूरगामी सोच की वजह से पेड़ों की बलि रुक रही है। मंत्री डहरिया ने सभी नगरीय निकायों के तहत आने वाले मुक्तिधाम स्थल पर गोठानों में बने गौ काष्ठ का उपयोग लकड़ी की जगह पर करने को कहा है। साथ ही कहा गोबर से बनी लकड़ी के इस्तेमाल से पेड़ सुरक्षित रहेंगे।

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