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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सरकार 18 + के कोरोना वैक्सीनेशन अभियान में अपनी नीतियों की वजह से उलझ गई है। इसी बीच इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि सरकार 18 साल से ज्यादा उम्र वालों को वैक्सीनेशन लगाने से रोक नहीं सकती है।

साथ ही हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा है कि कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी। राज्य सरकार 1/3 के हिसाब से सभी वर्ग का समान रूप से टीकाकरण करें।

बता दें राज्य सरकार ने 30 अप्रैल के आदेश से प्रदेश में एक मई से 18+ के लिए नि:शुल्क टीकाकरण अभियान की घोषणा की। इस आदेश में कहा गया कि यह टीका सबसे पहले अन्त्योदय राशन कार्ड धारी व्यक्तियों को लगेगा। उनको लग जाने के बाद गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को सबसे बाद में गरीबी रेखा से ऊपर के लोगों को लगाया जाएगा। विपक्ष इसको आरक्षण बताकर विरोध कर रहा था। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अमित जोगी सहित कुछ लोगों ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी।

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न्यायालय ने मंगलवार को सुनवाई के बाद कहा, बीमारी गरीबी और अमीरी देखकर नहीं लगती। स्वास्थ्य विभाग से 30 अप्रैल को जारी टीकाकरण में अन्त्योदय, BPL और APL के आधार पर प्राथमिकता तय करने वाला आदेश संशोधित होना चाहिए। इन वर्गों में टीकाकरण के अनुपात का निर्धारण कमजोर वर्गों, उनमें संक्रमण फैलने की संभावना और पात्र व्यक्तियों की संभावित संख्या के आधार पर होना चाहिए।

बता दें जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अमित जोगी, मोहित सिंघानिया सहित कुछ लोगों ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी।

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