गौरव कुमार सिंह
स्वाभाविक रहकर अपने दायित्वों व कर्तव्यों का निर्वहन किया जाए तो ज्यादा बेहतर तरीके से किया जा सकता है काम

लाइफ से जुड़े फंडे को लेकर जानिए क्या है उनका कहना

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में एक युवक को थप्पड़ मारने वाली निंदनीय करतूत करने वाले कलेक्टर रणबीर शर्मा पर सरकार ने तत्काल एक्शन लेते हुए उसे पद से हटा दिया। इस कार्यवाही के साथ ही राज्य शासन ने रणबीर शर्मा के स्थान पर डॉ. गौरव कुमार सिंह को कलेक्टर नियुक्त किया.

कहा जाता है कि सूरजपुर के नए कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह अपनी बेहतरीन कार्यशैली, कुशल नेतृत्व क्षमता और कड़ी मेहनत की वजह से काफी सुर्ख़ियों में रहते हैं. प्रशासनिक गलियारों में इनके काम की खूब चर्चाएं भी होती है.

डॉ. गौरव कुमार के कन्धों पर बड़ी जिम्मेदारी

उत्तरप्रदेश के रहने वाले 2013 बैच के आईएएस (IAS) अफसर गौरव कुमार सिंह ने पीएचडी कर डॉक्ट्रेट की उपाधि भी हासिल की है. राज्य शासन ने डॉ. गौरव कुमार के कन्धों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. सरकार ने चुनिंदा अफसरों में से एक गौरव कुमार पर भरोसा जताकर सूरजपुर की कमान दी है. ऐसे में गौरव कुमार के समक्ष भी जिले में प्रशासनिक कसावट लाने की बड़ी चुनौती होगी।

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एक मीडिया से बातचीत के दौरान दिए गए इंटरव्यू में आईएएस बनने के बाद के बदलाव पर डॉ. गौरव कुमार सिंह का कहना है कि इसके बाद कुछ दायित्व और कर्तव्य बढ़ गए हैं। व्यक्तिगत तौर पर कोई बदलाव नहीं हुआ है। मेरा मानना है कि स्वाभाविक रहकर अपने दायित्वों व कर्तव्यों का निर्वहन किया जाए तो ज्यादा बेहतर तरीके से काम किया जा सकता है।

यह नौकरी आपको बहुत अवसर देती है

डॉ. गौरव कुमार सिंह का लाइफ से जुड़े फंडे को लेकर मानना है कि सरल रहकर अगर आप लोगों के लिए कुछ कर पाएं, जिससे उनके चेहरों मुस्कान आए। यह नौकरी आपको बहुत अवसर देती है। मैं जिस दिन ज्यादा चेहरों पर मुस्कान लाता हूं, उस दिन को अपने जीवन का सार्थक दिन मानता हूं।

उल्लेखनीय कार्यों की खूब चर्चा

बता दें कि रायपुर जिला पंचायत सीईओ (CEO) के पद पर रहते हुए युवा और जुझारू अफसर गौरव कुमार सिंह के द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों की भी खूब चर्चा रही. इसी बीच जब पूरा देश और प्रदेश कोरोना वायरस की तबाही झेल रहा था, तब गौरव कुमार ने रायपुर में लॉकडाउन के दौरान बखूबी मोर्चा संभालते हुए हालात पर नियंत्रण पाया। रायपुर में कोरोना की स्थिति पर काबू पाने में इनका अहम योगदान रहा. इस दौरान लिए गए इनके निर्णयों को भी खूब सराहना मिली।

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बता दें कि गौरव कुमार सिंह रायपुर में पदस्थापना के दौरान रायपुर कलेक्टर के काफी करीबी माने जाते रहे हैं. वह कलेक्टर के पसंदीदा अफसरों में से एक थे.

लॉकडाउन में मिटाई थी लोगों की भूख

वहीँ जब लॉकडाउन में पैदल चलकर ही एक प्रदेश से निकलकर दूसरे प्रदेश में जाने वाले लोगों की बाढ़ सी आ गयी थी तब इस परिस्थिति लोगों के सामने भूख-प्यास की भी विकराल समस्या उत्पन्न हो गई थी। ऐसे में रायपुर जिला पंचायत के सीईओ (CEO) गौरव कुमार सिंह लोगों के लिए मददगार बनकर सामने आए थे। गौरव कुमार ने इस संकट की घड़ी में लोगों की भूख और प्यास बुझाने जैसा अनुकरणीय कार्य किया। उन्होंने जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाकर उनकी भूख मिटाई। एक नेक दिल अफसर के रूप में उनकी इस छवि खूब पसंद किया गया।

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