रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के साथ साइबर क्राइम भी लगातार जारी है। इसी के तहत राजधानी रायपुर की पुलिस के पास ठगी के दो मामले सामने आए हैं।

इन दोनों मामले में ठगी करने वालों को न तो देखा गया है, ना ही जो ठगे गए उन्होंने कभी ठगों से कोई मुलाकात की। फोन और सोशल नेटवर्किंग साइट पर धोखेबाजी का ऐसा जाल बिछाया गया कि लाखों की हेराफेरी देखते ही देखते हो गई।

शहर के देवेंद्र नगर और मोवा थाने में इस घटना की FIR दर्ज कर पुलिस अब साइबर सेल की मदद लेकर ठगी करने वालों को तलाशने में जुटी है।

ठग करने वाले ने सोशल साइट पर दिया पैसे डबल करने का प्रचार

ठगों का गिरोह पर सोशल साइट के जरिए युवाओं को झांसे में लेने का काम कर रहा है। रायपुर के देवेंद्र नगर की रहने वाली 26 साल की एक लड़की ऐसे ही गैंग का शिकार हो गई। इंस्टाग्राम फाफाडीह की ओर जाने वाली गली में रहने वाली इस लड़की ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट देखी।

See also  बड़ी खबरः बिलासपुर और जगदलपुर सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में 554 पदों पर होगी भर्ती, देखें आदेश

ठगों ने लिख रखा था कि वो लोगों के पैसे कुछ ही दिनों में डबल कर देते हैं। युवती ने उनसे संपर्क किया। एमपी के रहने वाले स्वदेश यादव ने लड़की से बात की। इसके बाद पैसे जमा करावाकर डबल पैसे लौटाने का सपना ठग ने लड़की को दिखाया। युवती ने आरोपी के बताए खाते में अपने गूगल पे से 3 बार में 38 हजार रुपए दिए। पैसे मिलते ही ठग से लड़की का कोई संपर्क नहीं हो सका अब मामला थाने पहुंचा है।

लोन देगा कहकर ले लिए 4 लाख 96 हजार

मार्च में आई ठगी की शिकायत में जांच के बाद अब मोवा पुलिस ने केस दर्ज किया है। इस केस में मुंबई के गैंग ने रायपुर के युवक को ठगा है। दलदल सिवनी के रहने वाले नवनीत श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि इनके पास एक फोन कॉल आया था। कॉलर ने कहा कि बजाज फायनेंस कंपनी से बोल रहा है। बिजनेस या पर्सनल यूज के लिए वो लोन देगा।

See also  सावधान : अब देवी दर्शन के नाम पर हो रही है ठगी, ज्वेलरी लेकर फरार हुए बदमाश

बातों में आकर नवनीत ने 6 हजार रुपए प्रोसेसिंग फीस जमा करवा दिए। इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर ठगों ने 4 लाख 96 हजार 630 रूपये जमा करा लिया। खुद को बड़ी कंपनी का कर्मचारी बताकर ठगों ने युवकों को भरोसे में ले रखा था बाद में कह दिया कि अब आपके लोन की फाइल रिजेक्ट हो गई और जिन नंबरों से युवक को कॉल आते थे वो भी कनेक्ट नहीं हो रहे। शुरूआती जांच में टीम ने पाया कि रकम मुंबई के यस बैंक के खातों से निकाली गई है। जल्द ही इस मामले में ठगी करने वालों तक पुलिस पहुंच सकती है बैंक से भी सारी डीटेल्स मांगी जा रही हैं।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर