पीएम मोदी करते है सरकारी उपक्रमों को सुधारने की बात.. वहीं 172 में से 86 PSU में जमें हुए हैं भाजपाई

टीआरपी डेस्क। भारत की पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) कंपनियों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सेंट्रल पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के 172 स्वतंत्र निदेशकों में 86 भाजपाई हैं। यह खुलासा एक अंग्रेजी अखबार ने एक RTI के हवाले से यह खुलासा किया है। एक मीडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक 146 पीएसयू की पड़ताल के दौरान पता चला कि 98 पीएसयू में 172 स्वतंत्र निदेशक हैं। इनमें 67 के बोर्ड पर 86 बीजेपी के नेता बतौर निदेशक काबिज हैं।

सुधार की चर्चा के बीच बड़ा खुलासा

इंडिपेंडेट डायरेक्टरों को लेकर सुधार पर प्रस्तावित चर्चा के बीच यह खुलासा हैरान करता है। दो साल पहले 2019 में सेंट्रल गवर्नमेंट के एक थिंक टैंक इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (IICA) ने साफ कहा था कि शेयर मार्केट रेगुलेटर सिक्युरिटीज और एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) 29 जून को इंडिपेंडेंट डायरेक्टरों के मामले में सुधार पर चर्चा करने वाला है। उनकी नियुक्ति, बोर्ड में उनके रोल को लेकर भी विचार-विमर्श होगा।  सार्वजनिक क्षेत्र के तमाम उपक्रमों में सत्ताधारी दल बीजेपी के लोग काबिज़ हैं। इनमें भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, गैस अथॉरिटी इंडिया लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इनके इंडिपेंडेट डायरेक्टरों के पद पर काबिज लोग बीजेपी से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। इनमें से कई ने बाकायदा अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर इसका खुलासा भी किया है।

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ऐसे ही ब्लू चिप पीएसयू समेत महारत्नों ( 25 हजार करोड़ से ज्यादा सालाना टर्न ओवर वाले पीएसयू) के स्वतंत्र 86 निदेशकों से चर्चा की गई जिनमें से 81 ने अपने विचार साक्षा किए। इनमें मनीष कपूर यूपी बीजेपी के डिप्टी ट्रेजरार हैं। राजेश शर्मा बीजेपी सीए सेल के एक्स नेशनल कन्वीनर हैं। राज कमल बिंदल 1996 से बीजेपी से जुड़े हैं। ये सभी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स के स्वतंत्र निदेशकों की फेहरिस्त में शामिल हैं।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की बात की जाए तो इसके स्वतंत्र निदेशकों में राजेंद्र अरलेकर गोवा असेंबली के पूर्व स्पीकर हैं। लता उसेंडी छत्तीसगढ़ बीजेपी की उपाध्यक्ष हैं। वो एमएलए और मंत्री भी रह चुकी हैं। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया में एन शंकरप्पा कर्नाटक बीजेपी के स्टेट एग्जीक्यूटिव मेंबर हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम में जी राजेंद्रन पिल्लई केरल बीजेपी के स्टेट एग्जीक्यूटिव मेंबर हैं।

गेल में बंतो देवी कटारिया बतौर स्वतंत्र निदेशक काबिज हैं। वो केंद्रीय मंत्री रतन लाल कटारिया की पत्नी हैं। कटारिया हरियाणा के अंबाला से सांसद चुने गए थे। पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन में एआर महालक्ष्मी काबिज हैं। वो तमिलनाडु बीजेपी की उपाध्यक्ष हैं। कुल मिलाकर पूरी लिस्ट देखें तो बीजेपी के तमाम उन नेताओं को रेवड़ी बांटी गई हैं जो चुनाव में फेल हो गए या फिर जिनकी किसी बड़े नेता के साथ नजदीकी हैं।

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पीएम मोदी ने कहा था घाटे में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम

पीएम मोदी ने भी कहा है कि कई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम घाटे में हैं। बीमार पीएसयू को वित्‍तीय मदद देने से अर्थव्‍यवस्‍था पर बोझ बढ़ता है। पुरानी परंपरा के आधार पर पीएसयू को बनाए रखना उचित नहीं है। सरकार के पास कई ऐसी संपत्तियां हैं, जिसका पूर्ण रूप से उपयोग नहीं हुआ है या बेकार पड़ी हुई हैं। 100 परिसंपत्तियों को बाजार में चढ़ाकर 2.5 लाख करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे।

पीएम का कहना है कि निजीकरण, संपत्ति के मौद्रिकरण से जो पैसा आएगा उसे जनता पर खर्च किया जाएगा। लेकिन सरकार के पास इस बात का जवाब नहीं है कि इनकी हालत सुधारने को सही कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे। स्वतंत्र निदेशकों का चयन जिस तरह से किया जा रहा है उसे देखकर तो बिल्कुल भी नहीं लगता कि सरकार इनको लेकर संजीदा भी है।

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