सुंजवान मिलिट्री स्टेशन
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टीआरपी डेस्क। जम्मू एयरबेस परिसर में स्थित वायुसेना स्टेशन के बाहर हुए ड्रोन धमाके के बाद लगातार तीसरे दिन तीसरी बार ड्रोन को देखा गया। सोमवार रात को जम्मू के सुंजवान मिलिट्री स्टेशन के पास ड्रोन को देखा गया। रत्नुचक सुंजवान मिलिट्री स्टेशन के पास तीसरे दिन ड्रोन देखे जाने के बाद हड़कंप मच गया। सुरक्षा बल के जवानों समेत एजेंसियां पर अलर्ट हो गईं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षाकर्मियों ने सोमवार देर रात में करीब तीन बार अलग अलग जगहों पर ड्रोन को उड़ता हुआ पाया।

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तीन बार अलग-अलग समय पर देखा गया ड्रोन

हालांकि अभी तक इसकी किसी ने अधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है। जानकारी अनुसार बीती रात को रत्नूचक्क में संदिग्ध ड्रोन को उड़ते हुए देखा गया। बताया जा रहा है कि यह ड्रोन तीन बार अलग-अलग समय पर देखा गया। पहले ड्रोन को रात 1 बजे के आसपास रत्नुचक इलाके में देखा गया। इसके बाद करीब 3.09 बजे कुंजवानी में और फिर सुबह 4.19 बजे के आसपास कुंजवानी इलाके में देखा गया। हालांकि ड्रोन थोड़े ही देर के बाद गायब हो गया।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इससे पहले शनिवार देर रात को वायुसेना स्टेशन के बाहर हुए ड्रोन हमले के बाद रविवार देर रात और सोमवार सुबह को भी कालूचक इलाके में ड्रोन को ऊंचाई पर उड़ते हुए देखा गया था। लगातार तीसरे दिन ड्रोन को देखे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां चौकन्ना हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही है कि सोमवार को तीन अलग अलग जगहों पर दिखे ड्रोन एक ही थे या अलग अलग थे।

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ड्रोन हमले के 48 घंटे बाद भी कोई खास सुराग नहीं मिल पाने के बाद अब गृहमंत्रायल ने हमले की जांच का जिम्मा NIA को सौंप दिया है। बता दें कि वायुसेना इस हमले की जांच कर रही है। इसके अलावा FSL की टीम को भी जांच का जिम्मा सौंपा गया है।

पाकिस्तान से जुड़े हमले के तार 

मामले में जांच कर रही NSG के विशेष बम निरोधक दस्ते की ओर से अब तक RDX और TNT विस्फोटक पदार्थ इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। यही नहीं हमले के तार पाकिस्तान से भी जुड़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ड्रोन को सीमा पार पाकिस्तान से कंट्रोल किया जा रहा था। हालांकि, एजेंसी लोकल हेंडलर के शामिल होने की बात को फोकस में रखकर भी जांच कर रही है।

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बिना लाइसेंस के ड्रोन रखने पर होगी कार्रवाई

आतंकियों की ओर से हमले में ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने के बाद पुलिस ने प्रदेश के विभिन्न संस्थानों और लोगों के पास उपलब्ध ड्रोन का ब्यौरा जमा करने और उन्हें कब्जे में लेना शुरू कर दिया है। अब से वही लोग अपने पास ड्रोन रख सकेंगे, जिन्होंने नियमों के अनुरूप इसे खरीदा होगा और नागरिक उड्डयन निदेशालय या संबंधित प्रशासन से इसके इस्तेमाल का लाइसेंस प्राप्त किया होगा।

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दो दिन पहले ड्रोन से किए गए दो धमाके

दो दिन पहले शनिवार और रविवार की दरमियानी रात जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन से दो धमाके किए गए थे। इस हमले में एयरफोर्स स्टेशन की छत को नुकसान हुआ था और 2 जवान घायल भी हुए थे। ड्रोन के जरिए एयरबेस के भीतर दो IED गिराए गए थे। नुकसान ज्यादा नहीं हुआ। यह अपनी तरह का पहला हमला था। दोनों धमाके शनिवार आधी रात डेढ़ से दो बजे के बीच हुए।

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ब्लास्ट इंडियन एयरक्राफ्ट्स के करीब ही हुआ था। यह जगह इंटरनेशनल बॉर्डर से 14 किलोमीटर की दूरी पर है। जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने इस हमले को आतंकी हमला बताया था। इस हमले के कुछ ही देर बाद लश्कर के एक आतंकवादी को 6 किलो विस्फोटक के साथ अरेस्ट किया गया था।

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