फ्लिपकार्ट, सचिन और बिन्नी बंसल पर लग सकता है 10600 करोड़ का जुर्माना... फेमा के तहत ED ने भेजा नोटिस

टीआरपी डेस्क। भारत की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के संस्थापकों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) 1.35 अरब डॉलर यानी करीब 10,600 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा सकता है। वॉलमार्ट के मालिकाना हक वाली कंपनी को विदेशी निवेश कानूनों के उल्लंघन के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

फ्लिपकार्ट और अमेजन की हो रही जांच

बिन्नी बंसल और सचिन बंसल पर विदेशी निवेश कानूनों के उल्लंघन का आरोप है। फ्लिपकार्ट पर आरोप है कि उसने विदेशी निवेश आकर्षित किया और फिर संबंधित पक्ष डब्ल्यूएस रिटेल ने उसकी शॉपिंग वेबसाइट पर कंज्यूमर्स को सामान बेचा। जबकि यह कानून के तहत प्रतिबंधित है। अब फ्लिपकार्ट और अमेजन की जांच की जा रही है।

नोटिस का जवाब देने के लिए 90 दिन का दिया गया समय

मिली जानकारी के अनुसार जुलाई में प्रवर्तन निदेशालय ने सचिन बंसल, बिन्नी बंसल और निवेशक टाइगर ग्लोबल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनसे पूछा गया था कि उन पर 10,600 करोड़ रुपये का जुर्माना क्यों नहीं लगना चाहिए। दरअसल यह मामला साल 2009 से 2015 के बीच का है। पक्षों को नोटिस का जवाब देने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है।

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मालूम हो कि अमेरिका की खुदरा कंपनी वॉलमार्ट ने कहा था कि अपनी भारतीय ई-वाणिज्य इकाई फ्लिपकार्ट के लिए आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने को तैयार है।

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