Shroud wrapped corpse, woman, late panchayat teachers
Shroud wrapped corpse, woman, late panchayat teachers

रायपुर। आज राजधानी में बूढ़ा तालाब के पास सड़क का नजारा जिसने भी देखा वह चौंक उठा। सड़क पर कफ़न से लिपटी कई लाशें नजर आ रहीं थीं और कई महिलाएं और युवक वहां बैठकर रुदन कर रहे थे। तनिक देर बाद समझ आया कि यह आंदोलन कर रहीं महिलाओं का सांकेतिक प्रदर्शन था।

दरअसल बूढ़ा तालाब के पास आंदोलनस्थल पर दिवंगत पंचायत शिक्षकों की बेवा महिलाएं अनुकम्पा नौकरी की मांग को लेकर बीते 44 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहीं हैं। पिछले महीने ही इन महिलाओं की सीएम हॉउस जाते समय पुलिस से धक्का मुक्की हुई थी। सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए ये महिलाएं समय-समय पर कुछ अलग तरह का सांकेतिक प्रदर्शन कर रही हैं।

इस बार इन महिलाओं ने सड़क पर कुछ इस तरह का प्रदर्शन किया कि लोग चौंक उठे। यहाँ कुछ महिलाओं को सड़क पर लिटाकर कफ़न से लपेट दिया गया और इस तरह विलाप करने लगे मानो यह उस समय का नजारा हो जब उनके पति की मौत हुई थी।

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नजारा देखकर भावुक हो गए लोग

यहाँ सड़क पर जिस तरह शवों के समक्ष महिलाओं और युवाओं का विलाप चल रहा था, उसे देखकर यहाँ से गुजरने वाले लोग भी भावुक हो उठे। यहाँ मौजूद पुलिस के जवान भी स्तब्ध थे और वे सड़क से महिलाओं को हटाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।

गौरतलब है कि ये सभी महिलाएं पिछले कई सालों से अनुकम्पा नियुक्ति की मांग कर रही हैं। ये सभी शिक्षा विभाग में बतौर पंचायत शिक्षक कार्य करते हुए दिवंगत हो चुके लोगों की विधवाएं हैं। दिवंगत शिक्षकों की पत्नियां कई 12वीं पास हैं, तो कई ने बीएड भी किया है। लेकिन अब इन्हें टीजर एजिबिलिटी टेस्ट, D.ED के बिना अनुकम्पा नियुक्ति नहीं दिए जाने का नियम बताया जा रहा है। इनकी मांग है कि उनके ऊपर दया दृष्टि दिखाते हुए अनुकम्पा नौकरी दी जाये, ताकि वे भी अपने परिवार का अच्छी तरह भरण पोषण कर सकें।

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