Women of this Naxal-affected district made more than one product from forest medicine, people are liking it
नक्सल प्रभावित इस जिले की महिलाओं ने वन औषधि से बनाए एक से बढ़कर एक प्रोडक्ट, लोग कर रहे पसंद

कांकेर। आज महिलाएं पुरुष से कंधे से कंधा मिलाकर ही नहीं, बल्कि उनसे आगे भी निकल गई हैं। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले कांकेर में ऐसी ही एक शुरुआत की है वहां की महिलाओं ने। जहां महिला स्व सहायता समूह ने महुआ लड्डू बनाकर 6 लाख रुपए की आमदानी की है। स्व सहायता समूह ने इन महिलाओं ने महुआ लड्डू के अलावा शहद, चिरौंजी, महुआ सेनिटाइजर, सर्व ज्वर हर चूर्ण, इमली कैंडी आदि बनाए हैं। जो लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं।

वन औषधियों से तैयार किए प्रोडक्ट

समूह की महिलाओं द्वारा वनोपज और वनौषधियों से तैयार उत्पाद का उपयोग इम्युनिटी बढ़ाने के लिए भी किया जा रहा है। पिछले वर्ष दीपावली में कांकेर जिले के ग्राम भानबेड़ा ’’दिशा महिला स्व-सहायता समूह’’ की महिलाओं ने नौ क्विंटल महुआ लड्डू तैयार कर छह लाख रूपए की आमदानी की है।

Women of this Naxal-affected district made more than one product from forest medicine, people are liking it
नक्सल प्रभावित इस जिले की महिलाओं ने वन औषधि से बनाए एक से बढ़कर एक प्रोडक्ट, लोग कर रहे पसंद

बन रहा समृद्धि का आधार

उल्लेखनीय है कि राज्य के विभिन्न जिलों के महिला स्व-सहायता समूह द्वारा वनोपज और वनौषधियों से तैयार उत्पादों की महक देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंच रही है। इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। राज्य शासन द्वारा भी सभी वनोपजों के प्रसंस्करण और वैल्यू एडीशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। आदिवासी अंचल की महिलाओं को इन आर्थिक गतिविधियों में जहां रोजगार मिल रहा है वहीं यह उनकी समृद्धि का नया आधार बन रहा है।

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