सड़क के गड्ढों पर रैम्प वॉक कर किया प्रदर्शन, नेशनल हाइवे की दुर्दशा पर ध्यान दिलाने का अनोखा तरीका
सड़क के गड्ढों पर रैम्प वॉक कर किया प्रदर्शन, नेशनल हाइवे की दुर्दशा पर ध्यान दिलाने का अनोखा तरीका

भिलाई। दुर्ग से लेकर कुम्हारी तक नेशनल हाइवे-53 की सड़कों का हाल बेहाल है। सड़कों पर गड्ढो के कारण लोगों का यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। इस समस्या की ओर ध्यान दिलाने के लिए संगीत की धुन पर सड़क के गड्ढों पर रैम्प वॉक कर अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया गया।

भिलाई में महिलाएं अलग-अलग ड्रेस में पानी से भरे गढ्ढों व कीचड़ में रैम्प वाक करते नजर आईं। नजारा था दुर्ग-रायपुर मार्ग पर कुम्हारी तक के नेशनल हाइवे का, जहां सड़क काफी बदहाल है, वहीं स्टील सिटी भिलाई में भी फ्लाईओवर निर्माण कार्य मे देरी के वजह से दुर्घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। इन हादसों में मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। इस मामले में राज्य सरकार व निर्माण एजेंसी को जिम्मेदार मानते हुए आज भिलाई के आईटीआई के सामने पूर्व नेता प्रतिपक्ष रिकेश सेन और वार्ड वासियों द्वारा रैम्प वॉक कर सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान आम आदमी पार्टी की तर्ज पर “10 का मुर्गा खाओगे तो…” की तर्ज पर यहां से गुजर रहे लोगो को जुमले भी सुनाये गए।

See also  धमतरी में रेत माफियाओं की गुंडागर्दी...जिला पंचायत सदस्य की बेरहमी से पिटाई कर बनाया अश्लील वीडियो... प्रशासन मौन...आदिवासी समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी

ख़राब सड़क पर हर रोज लगता है जाम

इस मामले में निर्माण एजेन्सी को ज्ञापन सौंपा गया, वहीँ गढ्ढों के मरम्मत जल्द से जल्द करने की मांग की गई। सड़को पर चलने वाले राहगीर गिरकर घायल हो रहें हैं, उनके लिए मुफ्त इलाज व मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग भी निर्माण एजेंसी से की गई।

यह प्रदर्शन करने वाले भिलाई नगर पालिका के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रिकेश सेन ने बताया कि दो साल से भिलाई कोसानाला से लेकर कुम्हारी तक फ्लाई ओवर निर्माण का कार्य किया जा रहा है, कोरोना काल में लॉकडाउन के कारण काम बंद रहा, वहीं लॉकडाउन के बाद स्किल्ड वर्करों की कमी के चलते काम बंद रहा। लेकिन बारिश के बाद सड़कों में गढ्ढों के चलते लगातार जाम की स्थिति बन रही है, भिलाई के डबरापार, पावर हाउस, सुपेला व खुर्सीपार में घण्टो जाम की स्थिति निर्मित हो रही है, जिसे सुलझाने के लिए ट्रैफिक विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। गढ्डों में मुरम या कंक्रीट डालकर सिर्फ पिचिंग वर्क किया जा रहा है। बारिश होने पर फिर से गड्ढे निर्मित हो जाते हैं।

See also  ICC World Test Championship : भारत vs न्यूजीलैंड मैच का पहला प्रोमो रिलीज, फैन्स से पूछा गया ये सवाल

देखिये वीडियो :

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएपपर