मोदी के गढ़ में प्रियंका की गर्जना आज,सीएम भूपेश बघेल व चन्नी भी होंगे साथ, कृषि कानूनों को मुद्दा बनाने की कवायद

लखनऊ/वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की गर्जना सुनने को मिलेगी, उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के सीएम चरणजीत ​सिंह चन्नी भी होंगे। बता दें कि यूपी में उनके चुनाव अभियान की शुरुआत भी है। कांग्रेस की कोशिश है कि पूर्वांचल में भी नए कृषि कानून सशक्त मुद्दा बने। मोदी के गढ़ में शक्ति प्रदर्शन कर कांग्रेस देश-प्रदेश में यह संदेश देना चाहती है कि उसे कमजोर न समझा जाए।

लखीमपुर घटना और कृषि कानून पर फोकस

कांग्रेस के रणनीतिकार स्वीकार करते हैं कि वाराणसी की रैली में कृषि कानून फोकस में रहेंगे। लखीमपुर की घटना को भी इसी से जोड़कर जनता के सामने रखा जाएगा। लखीमपुर की घटना भले ही मोदी-योगी सरकार के खिलाफ समग्र तौर पर आक्रोश की वजह न बन पाई हो, पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ और उनके पुत्र के खिलाफ ताप जरूर महसूस किया जा रहा है। यही कारण है कि कांग्रेस ने रैली में टेनी की बर्खास्तगी की मांग प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है।

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यूं ही नहीं चुना वाराणसी

प्रियंका ने अपने चुनावी अभियान के श्रीगणेश के लिए वाराणसी को यूं ही नहीं चुना है। वाराणसी जहां पीएम का चुनाव क्षेत्र होने से अहम है, वहीं पूर्वांचल के जिलों का केंद्र भी माना जाता है। काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित महादेव हर हिंदू के दिल में बसे हैं। प्रियंका रविवार को वहां पूजा-अर्चना करके भी आम मतदाताओं को बिन बोले खास संदेश देंगी कि आरएसएस से असहमत लोगों के दिल में भी बाबा नीलकंठ रचे-बसे हैं।

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