पेट्रोल, डीजल नहीं अब इस इंधन से चलेगी गाड़ियां, 8 लाख करोड़ की होगी बचत

टीआरपी डेस्क। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री (Road Transport and Highways Minister) नितिन गडकरी ने ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल के रूप में हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen) की वकालत की है। गडकरी ने कहा कि भारत को एक ऐसा देश बनाने की जरूरत है जो पेट्रोल और डीजल (Petrol, Diesel) के आयात पर निर्भर न करे।

मंत्री ने कहा, ग्रीन हाइड्रोजन Petrol और Diesel से बेहतर है। इस्तेमालगडकरी ने कहा, पेट्रोल और डीजल का आयात कर हम उन देशों को अमीर कर रहे हैं जो आतंकवाद का वित्तपोषण करते हैं। हालांकि, उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया।

तेल के आयात पर 8 लाख करोड़ खर्च करता है भारत

मंत्री ने यह भी कहा कि भारत इस समय डीजल और पेट्रोल के आयात पर लगभग 8 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है, जो कि अगले 5 वर्षों में बढ़कर 25 लाख करोड़ रुपये हो सकता है, अगर यह प्रवृत्ति जारी रहती है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल का आयात घटाकर देश कई समस्याओं को हल कर सकता है।

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गडकरी ने कहा कि उनका मंत्रालय जल्द ही अगले 6-8 महीनों में पेट्रोल वाहनों के लिए फ्लेक्स फ्यूल इंजन (Flex Fuel Engine) पर पॉलिसी लाएगा। फ्लेक्स-ईंधन या लचीला ईंधन, गैसोलीन और मेथनॉल या एथनॉल के संयोजन से बना एक वैकल्पिक ईंधन है।

ढाबों पर खुलेंगे पेट्रोल पंप

नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने अपने मंत्रालय के अधिकारियों से छोटे ढाबा मालिकों को नेशनल हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप (Petrol Pump) और शौचालय बनाने की मंजूरी देने के प्रस्ताव पर काम करने को कहा है।

गडकरी ने कहा कि लोग सड़क के किनारे की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, ढाबे खोल रहे हैं जो उपद्रव पैदा करते हैं क्योंकि ट्रक चालक अपने ट्रक सड़क पर पार्क करते हैं। फिर उन्होंने अपने अधिकारियों को सुझाव दिया कि मंत्रालय छोटे ढाबा मालिकों को 5-10 वाहन पार्क करने के लिए जगह के साथ पेट्रोल पंप खोलने और आम जनता के लिए शौचालय बनाए रखने के प्रस्ताव पर काम कर सकता है।

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