12 साल पहले हुए किसान आंदोलन की याद में नेशनल हाइवे जाम किया अन्नदाताओं ने, सरकार के समक्ष रखी ये मांगें…

धमतरी। किसानों ने धमतरी के सिहावा चौक पर नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया और नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने 1 दिसंबर से धान खरीदी के आदेश को रद्द करने की मांग की।

तब किसानों को खानी पड़ी थी जेल की हवा…

किसान यूनियन धमतरी के संयोजक लीलाराम साहू ने बताया कि 12 साल पहले 09 नवंबर 2009 को किसानों ने सांकेतिक चक्काजाम किया था, लेकिन यह आंदोलन उग्र हो गया, जिसके बाद पुलिस ने किसानों पर बल प्रयोग किया था और करीब 32 किसानों को जेल की हवा खानी पड़ी थी। इसके विरोध में भी यह प्रदर्शन किया गया। हालांकि यहां सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था।

रबी की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग

किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार के एक दिसंबर से धान खरीदी के आदेश को रद्द करने की मांग के अलावा सरकार से रबी फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने की घोषणा करने, बांध से सिंचाई के लिए पानी देने और गंगरेल बांध के डुबान क्षेत्र के ग्रामीणों का बैंकों में खाता खोलने की मांग की। किसानों ने एसडीएम डॉ विभोर अग्रवाल को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपने के बाद चक्काजाम समाप्त किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे दोबारा आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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