असम राइफल्स काफिले पर हुए आतंकी हमले की पीएम-रक्षामंत्री ने की कड़ी निंदा, कहा-दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
असम राइफल्स काफिले पर हुए आतंकी हमले की पीएम-रक्षामंत्री ने की कड़ी निंदा, कहा-दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

नई दिल्ली। मणिपुर के सिंगनगाट इलाके से एक बड़ी खबर सामने आई है। जहां शनिवार को घात लगाकर किए गए एक हमले में असम राइफल्स की 46वीं बटालियन के कर्नल विप्लव त्रिपाठी समेत चार जवान शहीद हो गए हैं। बता दें कि कर्नल विप्लव त्रिपाठी रायगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार सुभाष के बड़े बेटे थे। उनके परिवार पर माओवादियों ने एम्बुश लगाकर हमला किया था। कर्नल विप्लव 40, बहू अनुजा 38 वर्ष, पोता अबीर 5 वर्ष पर माओवादियों ने घात लगाकर हमला किया, इस हमले में कर्नल विप्लव सहित उनका पूरा परिवार शहीद हो गया। जानकारी के मुताबिक घटना चुराचंदपुर जिले के सिंगनगाट के सेहकेन गांव में शनिवार सुबह 11:30 बजे की थी।

इस घटना पर मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए घटना की निंदा की साथ ही लिखा की मैं इस कायराना हमले की निंदा करता हूँ। इस हमले में दैनिक बयार रायगढ़ के सम्पादक एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री सुभाष त्रिपाठी जी के पुत्र कर्नल विप्लव त्रिपाठी, बहू श्रीमती अनुजा त्रिपाठी एवं पांच वर्षीय पौत्र अबीर त्रिपाठी भी शहीद हुए हैं। सभी शहीदों की शहादत को कोटि-कोटि नमन। शोक संतप्त परिजनों को ईश्वर संबल दे। ॐ शांति: इस दुःख की घड़ी में हम सब उनके साथ हैं।

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रक्षा मंत्री ने की कड़ी निंदा

इस हमले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि मणिपुर के चुराचांदपुर में असम राइफल्स के काफिले पर किया गया यह हमला कायराना और निंदनीय है। इस हमले में शामिल दोषियों को नहीं बख्‍शा जाएगा। इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इन गुनहगारों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।इसके साथ ही मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई को पुष्टि की है कि घात लगाकर किए गए हमले में कमांडेंट और जवानों के शहीद होने समेत उनके परिवार के लोगों की मौत हुई है।

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बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा – प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है। उन्‍होंने कहा- मैं मणिपुर में असम राइफल्स के काफिले पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं उन वीर जवानों और उनके परिवार के सदस्यों को श्रद्धांजलि देता हूं जो आज शहीद हुए हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।

न्याय के कटघरे में दोषियों को किया जाएगा खड़ा

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने ट्वीट करते हुए घटना की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है, ’46 असम राइफल्स के काफिले पर हुए कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करता हूं, जिसमें आज सीसीपुर में सीओ और उनके परिवार सहित कुछ कर्मियों की मौत हो गई है। राज्य बल और अर्धसैनिक बल पहले से ही उग्रवादियों को पकड़ने का काम कर रहे हैं। दोषियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

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घात लगाकर किया गया हमला

सेहकेन जिला मुख्यालय चुराचंदपुर से लगभग 65 किलोमीटर दूर बेहियांग क्षेत्र में एक सीमावर्ती गांव है। सेना ने आतंकियों पर कार्रवाई के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया है जिस समय असम राइफल्स यूनिट के कमांडिंग अफसर के काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया, तब काफिले में त्वरित प्रतिक्रिया टीम के सदस्य और अफसर के परिवार वाले शामिल थे।

आतंकी संगठन है पीएलए

इस हमले के लिए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को जिम्मेदार माना जा रहा है। इसका गठन साल 1978 में हुआ था। बाद में भारत सरकार ने इसे आतंकी संगठन घोषित कर दिया था। ये संगठन मणिपुर में भारतीय सुरक्षाबलों पर धोखे से हमले करने के लिए जाना जाता है। इसका गठन बिश्वेसर सिंह ने किया था। आतंकी संगठन पीएलए स्वतंत्र मणिपुर की मांग करता है।

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