Railway Breaking: यात्रा से पहले जरूर पढ़ें यह खबर, रेलवे ने रद्द की सात सौ से भी अधिक ट्रेनें, ऐसे करें चेक
Railway Breaking: यात्रा से पहले जरूर पढ़ें यह खबर, रेलवे ने रद्द की सात सौ से भी अधिक ट्रेनें, ऐसे करें चेक

दामिनी बंजारे/रायपुर। रेल विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद यात्री बगैर टिकट यात्रा करने से बाज नहीं आ रहे हैं। बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़े गए यात्रियों से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अच्छा खासा जुर्माना वसूला है। इस वर्ष कोरोना गाइडलाइन को देखते हुए रेलवे विभाग ने यात्रा हेतु सख्त नियम बनाए।

दरअसल बगैर टिकट यात्रा करने वालों के कारण टिकट लेकर यात्रा करने वालों को काफी परेशानी होती है। साथ ही कोरोना को देखते हुए भी नियम काफी कड़े कर दिए गए हैं। यही कारण है कि इस वित्त वर्ष में अबतक ऐसे यात्रियों से सात करोड़ 80 लाख रुपए से अधिक का चालान काटा गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल भारत के सभी 17 रेलवे जोनों में सबसे अधिक आय अर्जित करने वाला ज़ोन मुख्यालय है।

इसलिए बनाए गए थे कड़े दिशा निर्देश

विदित हो कि कोरोना को देखते हुए भारत सरकार ने यात्रियों को कड़े नियम जारी किए थे। क्योंकि हमारे यहां रेलवे ही अधिकांश लोगों के लिए यात्रा का सुलभ साधन है। तो संक्रमण न फैले इसलिए कड़े दिशा निर्देश बनाए गए थे। इसी का पालन करते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल ने अप्रैल से नवंबर माह तक एक लाख 60 हजार लोगों पर कार्रवाई की और उनसे सात करोड़ 80 लाख रुपए का चालान काटा।

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बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़े जाने पर यात्री पर न्यूनतम ढाई सौ रुपये से लेकर 1000 रुपये तक जुर्माना, वहीं ट्रेन में गंदगी फैलाने पर 500 रुपये या जेल की सजा या दोनों हो सकता है। इसी के साथ ही ट्रेन के शुरू होने वाले स्टेशन से बिना टिकट पकड़े जाने वाले स्थान या आगे जिस स्टेशन तक सफर करना हैं वहां तक का किराया भी देना पड़ता है।

अलग-अलग केटेगरी में प्राप्त हुआ राजस्व

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे वरिष्ठ पब्लिसिटी इंस्पेक्टर शिव प्रसाद पवार के अनुसार अप्रैल 2021 से नवंबर 2021 तक अलग-अलग केटेगरी में यात्रियों से चालान लिया गया। जिसमें बिना टिकट यात्रा करने वाले लोग, एसी कोच में बिना आरक्षण के बैठना, लगेज वाले, लोअर क्लास की टिकट लेकर अन्य जगह बैठना आदि केटेगरी में चालान लिया गया।

साथ ही कोरोना गाइडलाइन का पालन न करने वालों पर भी रेलवे ने कड़ी कार्रवाई की जिसमें मास्क, पीपीई किट, स्वच्छता आदि का पालन न करने वाले यात्री शामिल हैं। इन आठ महीनों में करीब एक लाख 60 हजार यात्री को पकड़ा जिनसे 7 करोड़ 80 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।

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