Goa Liberation Day: PM मोदी ने कहा, अगर सरदार पटेल कुछ वर्ष और जीवित रहते तो गोवा को अपनी मुक्ति के लिए नहीं करना पड़ता इतना इंतजार
Goa Liberation Day: PM मोदी ने कहा, अगर सरदार पटेल कुछ वर्ष और जीवित रहते तो गोवा को अपनी मुक्ति के लिए नहीं करना पड़ता इतना इंतजार

टीआरपी डेस्क। गोवा मुक्ति दिवस समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पणजी पहुंचे। यहां वह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित गोवा मुक्ति दिवस समारोह में शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, गोवा की धरती को, गोवा की हवा को, गोवा के समंदर को, प्रकृति का अद्भुत वरदान मिला हुआ है। और आज सभी का, गोवा के लोगों का ये जोश, गोवा की हवाओं में मुक्ति के गौरव को और बढ़ा रहा है।

कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया

इससे पहले प्रधानमंत्री ने आजाद मैदान में शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने मीरामार बीच पर गोवा मुक्ति दिवस के अवसर पर आयोजित सेल परेड और फ्लाईपास्ट में भी हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने पुनर्निमित फोर्ट अगुआड़ा कारागार संग्रहालय, गोवा चिकित्सा महाविद्यालय में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, न्यू साउथ गोवा जिला अस्पताल, मोपा हवाई अड्डे पर विमानन कौशल विकास केंद्र और डावोरलिम-नावेलिम, मडगांव में गैस इंसुलेटेड उपकेंद्र का उद्घाटन किया।

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पीएम मोदी ने कहा, आज गोवा ना केवल अपनी मुक्ति की डायमंड जुबली मना रहा है बल्कि 60 वर्षों की इस यात्रा की स्मृतियां भी हमारे सामने हैं। हमारे सामने आज संघर्ष और बलिदानों की गाथा भी है, लाखों गोवा वासियों के परिश्रम और लगन के वो परिणाम हैं, जिनकी वजह से हमने एक लंबी दूरी तय की है। गोवा एक ऐसे समय में पुर्तगाल के अधीन गया था, जब देश के दूसरे बड़े भूभाग में मुगलों की सल्तनत थी। उसके बाद कितने ही सियासी तूफान इस देश ने देखे, सत्ताओं की कितनी उठक पटक हुई।

जहां एक ही संकल्प होता है- एक भारत, श्रेष्ठ भारत

समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, गोवा एक ऐसे समय में पुर्तगाल के अधीन गया था जब देश के दूसरे बड़े भूभाग में मुगलों की सल्तनत थी। उसके बाद कितने ही सियासी तूफान इस देश ने देखे लेकिन समय और सत्ताओं की उठापटक के बीच सदियों की दूरियों के बाद भी ना गोवा अपनी भारतीयता को भूला, ना भारत अपने गोवा को भूला। उन्होंने कहा, भारत एक ऐसा भाव है, जहां राष्ट्र ‘स्व’ से ऊपर होता है, सर्वोपरि होता है। जहां एक ही मंत्र होता है- राष्ट्र प्रथम. जहां एक ही संकल्प होता है- एक भारत, श्रेष्ठ भारत।

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