नेशनल डेस्क। देश के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त हो चुके है। जिसके बाद यह कहा जा रहा है कि अब भारत में पेट्रोल-डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी होगी। बता दें लगभग चार महीनों से तेल की कीमतों में कुछ खास उछाल देखने को नहीं मिला है।

दरअसल, रूस-यूक्रेन के युद्ध के कारण भी कच्चे तेल के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि पिछले चार महीनों से ते की कीमतों में खास बढ़ोतरी नहीं की गई। जिसे यह संभावना है कि इस बार तेल के दाम एकदम तेजी से बढ़ सकते है।

केंद्र सरकार ने पिछले साल घटाई थी एक्साइज़ ड्यूटी

बता दें केंद्र सरकार ने पिछले साल 3 नवंबर को एक्साइज़ ड्यूटी (excise duty) घटाकर तेल की कीमत कम कर दी थी। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर पांच रुपये और डीजल पर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाई गई थी। बता दें केंद्र सरकार की इस घोषणा के बाद दिल्ली, यूपी, राजस्थान समेत कई अन्य राज्यों ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी कर दी थी। जिसके बाद से अब तक ईंधन की कीमत में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं किया गया है।

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चुनाव ख़त्म होने के बाद से पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ने का अनुमान इसलिए भी लगाया जा रहा है क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 140 डॉलर प्रति बैरल तक चली गई है।

चुनाव के कारण नहीं बढ़ रही कीमतें

बता दें जुलाई 2008 से अबतक यह रेट सबसे ज्यादा है। पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ने के उथल-पुथल के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने बयान दिया है कि “तेल को UPA की सरकार ने डिरेगुलेट किया था और अगर आप डिरेगुलेट करेंगे तो उसमें “Freight Charges” (भाड़ा प्रभार) भी जुड़ते हैं। इसके आलावा मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि, ”यह कहना कि चुनाव के कारण हमने कीमतें नहीं बढ़ाई थी यह कहना ग़लत होगा। तेल की कीमतें कंपनियों को तय करना है क्योंकि उन्हें भी बाज़ार में बने टिकना है। तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के अनुसार तय होती है।”

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15-20 रूपए महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीज़ल

एक रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में 15-20 रूपए तक बढ़तजो सकती है। वैसे तो यह बढ़ोतरी एक बार में नहीं होगी लेकिन बढ़ने की संभावना तेज है। इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि पेट्रोल-डीज़ल की कीमत में हर रोज कुछ ना कुछ इजाफा किया जाएगा। यानी एक-दो दिन बाद कभी भी पेट्रोल डीजल के कीमतों में इजाफे का सिलसिला शुरू हो सकता है। सरकार के एक इशारा मिलते ही सरकारी तेल कंपनियां दाम बढ़ाना शुरू कर देंगी।

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