30 साल की सर्विस में 54 तबादले झेलने वाले कौन हैं अशोक खेमका? जो हरियाणा में बनेंगे 'आप' का चेहरा

टीआरपी डेस्क। पंजाब विधानसभा में शानदार और ऐतिहासिक जीत के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के विस्तार पर भी तेजी से काम शुरू कर दिया है।

पंजाब के बाद पार्टी की नजर अब हरियाणा पर है। पार्टी ने अगले कुछ माह के भीतर होने वाले शहरी निकाय चुनाव लड़ने का एलान किया है। ऐसी चर्चा है कि केजरीवाल अपने गृह राज्य हरियाणा से अपने उस मित्र को पार्टी में शामिल कराना चाहते हैं जो कॉलेज के दिनों में उनके साथी थे।

बताया जा रहा है कि हरियाणा के तेज तर्रार और अक्सर विवादों में रहने वाले आईएएस अधिकारी अशोक खेमका केजरीवाल के नए सारथी हो सकते हैं और वे पार्टी के प्रिंसिपल एडवायजर बनाए जा सकते हैं। खेमका और अरविंद केजरीवाल आईआईटी खड़गपुर में साथ पढ़ चुके हैं।

बता दें कि हरियाणा में 2024 में विधानसभा चुनाव होने हैं और इसी चुनाव को ध्यान में रखकर खेमका की सियासत में एंट्री होने जा रही है। अपनी ईमानदारी और भ्रष्टाचार विरोधी तेवर के चलते अशोक खेमका हरियाणा में काफी लोकप्रिय हैं।  

See also  Bihar Election Results : अब तक भाजपा के 52 प्रत्याशी विजयी घोषित, पार्टी के भरोसे पर खरे उतरे ये नेता, देखें लिस्ट…

चर्चा को मिल रही हवा

चर्चा है कि खेमका आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं। इस चर्चा को हवा आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं के कई ट्वीट से मिल रही है। दिल्ली इकाई की आप सचिव इंदु गुसाईं ने ट्वीट किया ‘अरविंद केजरीवाल के कॉलेज के मित्र और आईएएस अधिकारी अशोक खेमका हरियाणा में आप की मार्गदर्शक शक्ति होंगे। वह आप में शामिल होने के लिए आईएएस छोड़ देंगे। आप परिवार का विस्तार हो रहा है।’ हालांकि खेमका ने इस बात से इनकार किया है। वे अप्रैल 2025 में रिटायर होंगे।

आईएएस अशोक खेमका

कौन हैं आइएएस खेमका

सरकारी अधिकारियों में खेमका ईमानदारी का एक पर्याय माने जाते हैं।  1991 बैच के हरियाणा कैडर के आइएएस अफसर हैं। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में जन्मे खेमका ने आइआइटी खड़गपुर से 1988 में बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की। वे बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में एमबीए करने के साथ-साथ वकालत की डिग्री भी ले चुके हैं।

See also  लॉकडाउनः कोटा में फंसे बच्चे वापस लाने छत्तीसगढ़ सरकार ने बस भेजने का लिया फैसला, बस कोटा रवाना

अशोक खेमका से जुड़े विवाद

  • गुरुग्राम में कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की जमीन सौदे से जुड़ी जांच के कारण अशोक खेमका ने अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं। वे भ्रष्टाचार को उजागर करने और अपने तबादले को लेकर हमेशा चर्चा में रहे हैं।
  • 2004 में जब सरकार ने कई शिक्षकों का सत्र के बीच में ही तबादला किया था तो उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का निर्देश मानने से इनकार कर दिया था। 
  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में उन्होंने कई घोटालों का खुलासा किया था। नवंबर 2012 में तत्कालीन हुड्डा सरकार ने रॉबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के लैंड डील से जुड़े खुलासे के बाद उनका तबादला परिवहन विभाग में कर दिया था जिस पर काफी विवाद हुआ था।
  • रॉबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के बीच 58 करोड़ रुपयों के भूमि सौदे को रद्द करने और हरियाणा के चार जिलों तथा दिल्ली में 2005 के बाद हुए वाड्रा के सभी भूमि सौदों की जांच के आदेश दिए थे। 
See also  Fifth Ocean of the World: धरती के मानचित्र में आया नया परिवर्तन, दुनिया को मिला एक और महासागर
आइएएस अधिकारी अशोक खेमका

हुड्डा सरकार में 22 बार तबादला हुआ

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में खेमका को 22 तबादले झेलने पड़े थे। मनोहर सरकार में भी छह बार खेमका के महकमे बदले गए। खेमका ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं कायर नहीं हूं। मैं इसी सिस्टम का हिस्सा हूं और इसी सिस्टम में रहूंगा। मुझे इस पर गर्व है। एक अधिकारी होने के नाते मैं अपने कर्तव्य का पालन कर रहा हूं। मुझे बार-बार हो रहे तबादले से कोई दिक्कत नहीं है।’

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर