करौली : नवरात्र एवं वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर राजस्थान के करौली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में पुलिस ने 33 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की है। करौली में नव वर्ष बाइक रैली के दौरान छतों से पत्थर फेंके जाने के बाद भगदड़ मची और उसके बाद सांप्रदायिक हिंसा व आगजनी की घटना हुई थी। जिसको देखते हुए करौली में कर्फ्यू लगा दिया गया और सोमवार रात तक के लिए इंटरनेट भी बंद किया गया है। प्रशासन ने सांप्रदायिक हिंसा में शामिल दोनों पक्षों से शांति की अपील की थी। घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसका इलाज फिलहाल जयपुर में किया जा रहा है। जबकि 27 अन्य घायलों को इलाज के बाद छुट्टी मिल गई थी पुलिस के अनुसार घटना के कई वीडियो उनके पास आए हैं। जिनकी जांच की जा रही है उसके आधार पर उपद्रवियों की शिनाख्त भी की जाएगी।

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क्या है पूरा मामला

पुलिस के अनुसार नव वर्ष मनाने के लिए एक बाइक रैली का आयोजन किया गया था। जब यह बाइक रैली मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से गुजर रही थी। उसी समय कुछ लोगों ने रैली पर पथराव कर दिया। जिसके बाद देखते ही देखते विवाद बढ़ा और हिंसा के रूप में बदल गया। उपद्रवियों ने इस घटना के बाद कुछ दुकानों में आग लगा दी। एक बाइक को भी आग के हवाले कर दिया इसके साथ ही कई अन्य वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई।

Curfew imposed in Rajasthan's Karauli after clash during bike rally |  Cities News,The Indian Express

पुलिस प्रशासन की लापरवाही – मंत्री रमेश मीणा

राजस्थान के ग्रामीण विकास मंत्री रमेश मीणा ने कहा के कुछ असामाजिक तत्वों ने सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश की है। लेकिन हालात सुधर रहे हैं उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की गलती है। इतने संवेदनशील इलाके में शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी और अगर अनुमति दी गई तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करनी थी। अधिक संख्या में पुलिस बल को तैनात करना था जो कि नहीं किया गया। मंत्री का कहना है कि इस घटना में पुलिस की भी लापरवाही है। वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि अपराधी चाहे किसी भी समुदाय का हो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति की वजह से आज राजस्थान में शांतिपूर्ण तरीके से शोभायात्रा भी नहीं निकाली जा सकती।

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दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

घटना के संबंध में सीएम अशोक गहलोत गहलोत का कहना है कि इस मामले में जो भी लोग दोषी हैं उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए यह नहीं देखा जाएगा कि वह कौन से समुदाय से आते हैं। राजस्थान में हमेशा से सभी समुदाय के लोग आपस में मिल जुल कर रहते हैं। और इस व्यवस्था को बिगाड़ने वाले को किसी भी हालत में माफ नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही सीएम ने करौली में जनता से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।

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