आतंक‍ियों से सीधे सम्‍पर्क में था गोरखनाथ मंदिर परिसर में हमला करने वाला मुर्तजा अब्बासी


लखनऊ। गोरखनाथ मंदिर परिसर में हमला करने वाला अहमद मुर्तजा अब्बासी सीधे आतंकवादियों के संपर्क में था। एटीएस ने मुर्तजा से पूछताछ के दौरान उसके विरुद्ध कई अहम इलेक्ट्रानिक साक्ष्य जुटाने के साथ मुर्तजा के सीरिया के खातों में किये गये वित्तीय लेनदेने के भी प्रमाण जुटाये हैं।

जिसके बाद एटीएस ने आरोपी मुर्तजा के खिलाफ दर्ज मुकदमे में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम की विभिन्न धाराओं की बढ़ोत्तरी की है। एटीएस अब मुर्तजा के विरुद्ध चल रहे केस को लखनऊ स्थित एनआइए, एटीएस की विशेष अदालत में स्थानान्तरित कराने की तैयारी में जुट गई है।

मुर्तजा से पूछताछ पूरी होने के बाद एटीएस ने उसे गोरखपुर की कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में गोरखपुर जेल भेज दिया गया। एटीएस की पूछताछ के दौरान सामने आये तथ्यों के आधार पर ही जांच एजेंसी उसके विरुद्ध यूएपीए के तहत कार्रवाई के कदम बढ़ाने की तैयारी कर ली थी। बीते दिनों मुर्तजा के दो वीडियो भी सामने आये थे, जिनमें वह खुद गोरखनाथ मंदिर में हमले के पीछे नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी को लेकर उसके भीतर भरे गुस्से के चलते यह कदम उठाने की बात स्वीकार कर रहा था।

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मुर्तजा के आतंकी संगठन आइएस में शामिल होने के लिए एक वेबसाइट के जरिये आनलाइन शपथ लेने की बात भी सामने आई थी। साथ ही मुर्तजा के हनीट्रैप का शिकार होने व सीरिया की एक युवती के संपर्क में आने के बाद कट्टरपंथियों की मदद के लिए सीरिया के खातों में रकम जमा कराने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद ही एटीएस ने मुर्तजा के चार बैंक खातों की छानबीन तेज की थी। इससे जुड़े अहम साक्ष्य हाथ लगने के बाद एटीएस ने अब मुर्तजा पर कानूनी शिकंजा और कसना शुरू कर दिया है।

गोरखनाथ मंदिर परिसर में तीन अप्रैल को हमले की घटना के बाद आरोपित मुर्तजा को गिरफ्तार किया गया था। घटना के पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका जताई गई थी। शासन ने घटना का बेहद गंभीरता से लेकर इसकी जांच तत्काल एटीएस को सौंप दी थी। मुर्तजा की पहले 11 अप्रैल तक पुलिस रिमांड मंजूर की गई थी। बाद में एटीएस ने कोर्ट से मुर्तजा की पांच और दिनों की पुलिस रिमांड हासिल कर उससे पूछताछ का सिलसिला जारी रखा था। एटीएस ने शनिवार को पुलिस रिमांड अवधि पूरी होने पर मुर्तजा को गोरखपुर की कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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