जब बारातियों के रंग में पड़ गया भंग, कलेक्टर के आदेश के बाद सड़क पर ही शुरू हो गई डीजे-धुमाल पर कार्रवाई

रायपुर। कलेक्टर सौरभ कुमार ने शुक्रवार की शाम कानफोड़ू ध्वनि विस्तारक यंत्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गाइडलाईन जारी किया और इधर सड़क पर धूम-धड़ाका कर रहे डीजे-धुमाल पर कार्रवाई शुरू हो गई। देर रात तक चली इस मुहिम के दौरान पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में 7 वाहनों को जब्त कर लिया।

राजधानी रायपुर के विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने कल जिलाधीश सौरभ कुमार को ज्ञापन सौंपकर ध्वनि प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव की जानकारी दी और इस पर रोक लगाने की मांग की। कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन देने के साथ ही कार्रवाई के लिए ज्ञापन तैयार कर शाम तक जिले भर के पुलिस थानों और SDM को प्रेषित कर दिया।

इसीके मद्देनजर पुलिस अधीक्षक रायपुर प्रशांत अग्रवाल द्वारा ध्वनि प्रदूषण व मानक स्तर से अधिक शोरगुल करने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों डी.जे.वाहनों, धुमाल आदि पर कार्यवाही करने के निर्देश सभी थाना प्रभारियों व मजिस्ट्रेट को दिए गए, जिसके बाद देर शाम सड़क पर निकले डीजे -धुमाल पर कार्रवाई शुरू हो गई। पुलिस ने धूम-धड़ाके के साथ निकले बारातियों के आगे चल रहे डीजे और धुमाल संचालकों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की और वहां सही ध्वनि विस्तारक यंत्रों को जब्त कर लिया।

जिला पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक राजधानी में थाना कोतवाली द्वारा 01 प्रकरण, थाना पुरानी बस्ती द्वारा 02 प्रकरण, थाना डी.डी.नगर द्वारा 01 प्रकरण, थाना खमतराई द्वारा 01 प्रकरण तथा थाना आमानाका द्वारा 01 प्रकरण और सिविल लाइन 01प्रकरण, इस प्रकार कुल 07 प्रकरणों में डी.जे. संचालकों पर कोलाहल अधिनियम के तहत कार्यवाही करने के साथ ही इनके डी.जे. तथा अन्य वाद्य यंत्र एवं वाहन जप्त किये गए हैं। उक्त समस्त डी.जे. बारात के दौरान सड़क पर बिना अनुमति के एवं तेज आवाज में बजा कर ध्वनि प्रदूषण कर रहे थे।

आगे भी जारी रहेगी कार्यवाही

पुलिस ने कहा है कि इस तरह की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। दरअसल ध्वनि प्रदूषण के मामले में हाईकोर्ट की गाइडलाईन के अलावा कोलाहल अधिनियम के तहत पर्यावरण संरक्षण मंडल ने भी दिशा-निर्देश जारी कर रखा है, मगर इसका कड़ाई से पालन यदा-कदा ही हो रहा था। पूर्व में इस तरह की कार्रवाई के खिलाफ डीजे संचालक हाई कोर्ट भी गए थे। हालांकि दिशा-निर्देश यही है कि कोलाहल अधिनियम के प्रावधानों का पालन कराया जाये, मगर सड़क पर जिस तरह से धूम-धड़ाके के साथ जुलूस और बारात आदि निकल रहे हैं, उससे राहगीर और शहरवासी काफी परेशान हो चले हैं। बहरहाल उम्मीद की जानी चाहिए कि इस तरह की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी और नियम-कायदों के तहत ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल की अनुमति प्रशासन द्वारा देते हुए उसका कठोरता से पालन भी कराया जायेगा।

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