रेल कॉरिडोर के लिए हो रही अवैध खुदाई को रोके जाने का भी तोड़ निकाल लिया कंपनी वालों ने, सील की हुई PC मशीन का भी हो रहा है इस्तेमाल

कोरबा। गेवरा-पेंड्रा रेल कॉरिडोर के निर्माण के लिए की जा रही मिटटी की अवैध खुदाई से इलाके के किसान परेशान हैं, मगर लगता है कि इनकी परेशानी से प्रशासन को कोई सरोकार नहीं है, तभी तो खनिज विभाग के अमले ने खुदाई में लगी मशीन को सील करके खड़ा कर दिया, मगर ठेकेदार मशीन के ऊपर से ऑपरेटर को घुसाकर रात भर खुदाई करवा रहा है और सरकारी अमला जानबूझकर हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

रेल विभाग द्वारा कोरबा जिले के गेवरा से पेंड्रा रोड के बीच कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहहा है। इसके पहले चरण के तहत मिट्टी बिछाने के काम चल रहा है। बीते कई महीने से यह काम चल रहा है और ठेका कंपनी इरकॉन के सब-कांट्रेक्टर द्वारा कॉरिडोर के आसपास के गांवों से सरकारी और किसानों की जमीन पर मिटटी की खुदाई की जा रही है। इस दौरान बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है, वहीं बिजली के टॉवर और खम्बों को आजू-बाजू में गड्ढा खोदकर अधर में छोड़ दिया जा रहा है। वहीं कई किसानों से अनुमति लिए बिना ही उनकी जमीन को कई फिट गहरा खोद दिया गया है, जिसके चलते वे उस जमीन पर कभी खेती ही नहीं कर पाएंगे।

शिकायत पर सील कर दी मशीन

अवैध खुदाई के मामले में खनिज विभाग द्वारा जुर्माने की कार्रवाई के बावजूद ठेकेदार का यह कृत्य जारी रहा, तब यह मामला मिडिया में परवान चढ़ा और कुछ दिन पहले खनिज निरीक्षक उत्तम खूंटे ने स्पॉट पर जाकर खुदाई कर रही PC मशीन को जब्त करते हुए मशीन के दरवाजे को सील कर दिया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस तो ली मगर ये क्या, इस सील की हुई मशीन से भी यहां हर रोज रात के वक्त खुदाई होती रही।

आज सुबह जब ग्रामीणों ने पास जाकर देखा तो PC मशीन के दरवाजे पर तो चैन के साथ ताला लगा हुआ था, मगर अंदर ऑपरेटर बैठकर बाकायदा मशीन चला रहा था। इस दौरान यहां मौजूद सुपरवाइजर नत्थू कुछ जवाब देने की बजाय मौके से भाग खड़ा हुआ। वहीं ऑपरेटर ने बताया कि वह मालिक के कहने पर PC मशीन के ऊपर वाले हिस्से से अंदर घुसकर मशीन चला रहा है। चालक ने गिड़गिड़ाते हुए कहा कि उसे तो जैसा कहा गया, उसने वैसा ही किया।

खनिज विभाग को नहीं है जानकारी..!

ग्रामीणों द्वारा इस मामले की जानकारी कटघोरा SDM कौशल तेंदुलकर को दी गई मगर दिनभर में उनका कोई भी अमला मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं जब हमने इस मामले में खनिज उपसंचालक SS NAG से पूछा तब उन्होंने बताया कि खनिज निरीक्षक उत्तम खूंटे ने मशीन को सील कर दिया है और फ़िलहाल ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। उन्हे इस बात की कोई जानकारी ही नहीं है कि सील किये जाने के बावजूद ठेकेदार द्वारा मशीन का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बीच ग्रामीणों ने TRP न्यूज़ को यह खबर दी कि इतना कुछ होने के बावजूद ठेकेदार ने सील की हुई मशीन को स्पॉट से हटवा लिया है और उसका इस्तेमाल कॉरिडोर के ऊपर किया जा रहा है।

मरघट की जमीन को भी नहीं छोड़ा

ग्रामीणों ने जमीन की अवैध खुदाई की शिकायत कटघोरा ब्लॉक में लगे शिविर में भी की थी, मगर अब भी यह काम चल रहा है। इसी दौरान ठेकेदार ने ग्राम डोंगरी में स्थित महंत समाज के मरघट में अपनी गाड़ी चलवा दी, इसके चलते यहां मौजूद कुछ मठ भी दब गए, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। इसके अलावा यहां बिजली के अनेक खम्बे अधर में लटके हुए हैं और आशंका है कि बारिश में ये खम्बे धराशाई हो सकते हैं। वहीं कई पेड़ भी इसी तरह खतरे में हैं। इसके अलावा काफी संख्या में पेड़ों को काट भी दिया गया है।

इस जिले में सब कुछ संभव है…

कोरबा जिले में जिन गावों से भी निर्माणाधीन रेल कॉरिडोर गुजर रही है, वहां के ग्रामीणों को इसका काफी नुकसान हो रहा है। इस काम में लगे ठेकेदार ने बड़ी संख्या में किसानों की जमीन बिना पूछे ही खोद डाली और अब वे शिकायत पर शिकायत कर रहे हैं, मगर न तो राजस्व अमला और न ही खनिज का अमला कुछ कर रहा है। वहीं कुछ ग्रामीण जमीन समतल हो जाने की लालच में खुदाई की अनुमति दे बैठे, मगर उन्हें क्या पता था कि उनकी जमीन कई फिट गहरी खोद दी जाएगी। अब वे उस पर कभी खेती ही नही कर पाएंगे। हालांकि यहां घूमने वाले ठेकेदार के दलालों ने किसानो को जता दिया है कि सबको सेट कर दिया गया है, वे लोग (किसान) भी शिकायत करना बंद कर दें, उन्हें भी कुछ भरपाई दे दी जाएगी।

बीते कई महीनों से यह सब चल रहा है और शिकायतों के साथ ही मीडिया में भी खबरें चल रही है, मगर जिस तरह से सब कुछ खुले आम चल रहा है, उससे यह साफ़ नजर आ रहा है इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी ठेका कंपनी द्वारा उपकृत किये जा रहे हैं और इलाके के किसान ठगे जा रहे हैं।

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