रायपुर : रायपुर के एक प्लास्टिक प्लांट से नकली पानी की टंकियों के निर्माण का पर्दाफाश हुआ है। जानकारी के अनुसार प्लांट में दिल्ली के वॉटर टैंक ब्रांड प्लास्टो के नकली उत्पाद बनाए जा रहे थे। जिनका रायपुर में ही हर माह 50 लाख का कारोबार था। दिल्ली की इस कंपनी की लीगल टीम को खबर मिली थी कि रायपुर की एक प्लांट में नकली प्रोडक्ट का प्रोडक्शन किया जा रहा है। इसी के तहत स्थानीय पुलिस के साथ लीगल टीम ने प्लांट में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान प्लांट में बड़ी तादाद में प्लास्टो ब्रांड का फर्जी इस्तेमाल करते हुए प्रोडक्ट मिले, कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

छापेमारी के बाद टीम ने पुलिस की मदद से लाखों का माला सीज कर दिया है। प्लास्टो कंपनी की लीगल टीम की अधिवक्ता नम्रता जैन ने बताया कि अब यह मामला दिल्ली कोर्ट में चलाया जाएगा। कंपनी की हेड ऑफिस की तरफ से रायपुर के तेजस इंटरप्राइजेस पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है, प्लांट को भी सील किया जा रहा है।

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नकली प्रोडक्ट का हर महीने 50 लाख का कारोबार

इस नकली उत्पाद के खेल का खुलासा होने पर यह बात निकलकर सामने आई कि रायपुर शहर में हर महीने इन नकली उत्पादों के 50 लाख का कारोबार है। शहर के व्यापारियों ने बताया कि कम कीमत की वजह से लोग इन नकली प्रोडक्ट पर भरोसा करके खरीद लेते हैं और मुनाफे के चक्कर में दुकानदार इसे बेचते हैं। नकली प्रोडक्ट की कीमतों में असली कीमतों की के मुकाबले कमी होने के कारण इनका बाजार को फल फूल रहा है। कुछ महीनों पहले रायपुर के रवि भवन में एप्पल कंपनी के कई नकली प्रोडक्ट मिलेंगे जिसमें 3 लाख से ज्यादा की नकली उत्पाद बरामद किए गए। व्यापारियों की मानें तो हर महीने रायपुर शहर में ₹50 लाख से अधिक कीमत का नकली इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कॉस्मेटिक, कपड़े और अन्य उत्पाद खपाए जाते हैं। जिनमें नामी कंपनियों के ट्रेडमार्क और स्टिकर का उपयोग करके कारोबारी नकली सामान आसानी से बेच देते हैं।

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