“तुंहर पुलिस – तुंहर द्वार” के जरिये नशे के खिलाफ अभियान में जुटी पुलिस, नशे के दुष्प्रभाव बताने मुहल्लों और स्कूलों में पहुंच रहे थाना प्रभारी और जवान

रायपुर। राजधानी की पुलिस ने “तुंहर पुलिस – तुंहर द्वार” के जरिये नशे के खिलाफ मुहिम शुरू की है। इसके तहत बच्चों और युवाओं को जागरूक करने के लिए थाना प्रभारी और जवान मोहल्लों के साथ ही कॉलोनियों में भी पहुँच रहे हैं।

वर्तमान परिदृश्य में नशा से मुक्ति अभियान अंतर्गत पुलिस लोगों को नशे के दुष्प्रभाव और उससे होने वाली सामाजिक, मानसिक, आर्थिक हानि, अपराधों के संबंध में जानकारी देकर कामगार, बूढ़े, बच्चे, महिलाओं को अवगत कराकर जागरूकता लाने प्रयास कर कर रही है। पुलिस लोगों को नशा मुक्त समाज के लिए संकल्पित कर नशे से दूर रहने अपील कर रहे हैं। साथ ही अन्य कानून संबंधी जानकारी प्रदाय कर स्वस्थ शांतिपूर्ण समाज बनाने और व्यवस्था स्थापित रखने को भी कहा जा रहा है।

नशे का सामान बेचने वालों की दें सूचना

दरअसल बच्चे और युवा अधिकांशतया ‘सूखा नशा’ याने नशीले टेबलेट, सीरप और गांजा का सेवन करते हैं और नशे में ही लूटपाट, मारपीट और अन्य वारदातों को जन्म देते हैं। इस नशे का कारोबार करने वालों की सूचना देने के लिए थाना प्रभारी अपना मोबाइल नंबर भी दे रहे हैं।

सिविल लाइन थाना प्रभारी सत्यप्रकाश तिवारी ने इसी अभियान के तहत निजी विद्यालय में पहुंचकर बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव और यातायात के नियमों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि ज्यादातर हादसे यातायात के नियमों की जानकारी नहीं होने और नशे में वाहन चलाने की वजह से हो रहे हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने परिजनों को बिना हेलमेट घर से बाहर न निकलने दें।

उधर खम्हारडीह के BSUP कचना में नशा मुक्ति के लिए नुक्कड़ जागरूकता अभियान का कार्यक्रम चलाया गया। जिले भर के समस्त थाना क्षेत्रों में इसी तरह का अभियान चलाकर न केवल बच्चों और युवाओं को बल्कि परिजनों और आम लोगों को भी नशे से होने वाले नुकसान और नियम कानूनों की जानकारी दी जा रही है।

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