RIMS प्रबंधन पर लगा मानवाधिकार हनन का आरोप, मानवाधिकार आयोग में दर्ज हुई शिकायत

RIMS dean's license canceled

रायपुर : छत्तीसगढ़ का रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज इन दिनों लगातार विवादों के घेरे में है। इस दौरान प्रबंधन के ऊपर नए आरोप सामने आए हैं। रिम्स से पढ़े डॉक्टरों ने प्रबंधन पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाते हुए मानव अधिकार आयोग ने इस संबंध में शिकायत दर्ज की है।

आवेदकों ने अपने आवेदन में कहा है कि वे RIMS में एमबीबीएस की पढ़ाई और 1 साल का इंटर्नशिप मई महीने में पूरा कर चुके हैं। लेकिन प्रबंधन के द्वारा कोर्स पूरा होने के बाद भी उनके दस्तावेजों को कब्जे में रखा गया है। जिस पर छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में शिकायत की गई थी। इसके बाद वैधानिक तरीके से पूरी प्रक्रिया के बाद काउंसिल ने आवेदकों के पक्ष में फैसला सुनाया और 48 घंटों के अंदर ही सभी दस्तावेज आवेदकों को लौटाने के निर्देश रिम्स प्रबंधन को दिए थे। लेकिन प्रबंधन ने इस निर्देश को मानने से भी इंकार कर दिया और अब तक उनके दस्तावेज उन्हें प्रदान नहीं किए गए। ऐसी गतिविधि से इन आवेदकों का भविष्य अंधकार में जा सकता है। इसलिए छात्रों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए मानव अधिकार आयोग से गुहार लगाई है।

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मेडिकल काउन्सिल कर चुकी है डीन का लाइसेंस रद्द

बता दें छात्रों को प्रमाण पत्र न देने के मामले में मेडिकल काउंसिल ने कार्यवाही करते हुए रिम्स के डीन का रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही रिम्स प्रबंधन के दो अन्य डॉक्टरों पर भी काउंसिल ने कार्यवाही करते हुए 3 महीने के लिए उनका रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया है।

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