अमेरिका से गरमाया गर्भपात का मुद्दा, इन देशों में है पूरी तरह बैन… भारत में हो सकती है उम्रकैद की सजा

अमेरिका से गरमाया गर्भपात का मुद्दा, इन देशों में है पूरी तरह बैन... भारत में हो सकती है उम्रकैद की सजा

टीआरपी डेस्क। हाल ही में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने खुद ही अपना फैसला पलटते हुए बीते 24 जून को गर्भपात कानून को लेकर अहम फैसला दिया है। जिसके तहत अब अमेरिका में गर्भपात कराना गैर कानूनी हो गया है। जिसके कारण अमेरिका में जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं पूरी दुनिया में अब महिलाओं के गर्भपात से जुड़े अधिकारों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। आइए जानते हैं किस देश में गर्भपात को लेकर किस तरह के कानून हैं।

इन देशों में बैन है गर्भपात कराना

इराक, मिस्र, सूरीनाम, पौलेंड, माल्टा, फिलीपींस जैसे 26 देश हैं दुनिया में, जहां गर्भपात कराना महिलाओं के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यहां गर्भपात कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है, फिर चाहे महिला या बच्चे की जान पर ही क्यों ना बन रही हो।

इन देशों में सिर्फ मुश्किल पड़ने पर ही करवा सकते हैं गर्भपात

ब्राजील, ईरान, यूएई, बांग्लादेश जैसे 39 देश हैं जहां महिला की जान पर बन आए या किसी अन्य मुश्किल की वजह से गर्भपात कराया जा सकता है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, श्रीलंका, सऊदी अरब और थाईलैंड में महिला का स्वास्थ्य ठीक ना होने पर गर्भपात की अनुमति दी जा सकती है। भारत में भी गर्भपात को दंडनीय अपराध है, लेकिन एमटीपी के तहत अपवाद वाले मामलों को जगह दी गई।

मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेन्सी एक्ट, 1971 कुछ शर्तों पर मेडिकल डॉक्टरों (विशिष्ट स्पेशलाइजेशन वाले) द्वारा गर्भपात कराने की अनुमति देता है। एक डॉक्टर की सलाह से 12 हफ्ते तक और दो डॉक्टरों की सलाह से 20 हफ्ते तक गर्भपात कराया जा सकता है। गर्भपात की अनुमति तब है, जब गर्भावस्था बरकरार रहने से गर्भवती महिला की जान की खतरा हो, उसके मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान हो सकता हो (बलात्कार और गर्भ निरोध के उपायों के असफल होने सहित), या भ्रूण के असामान्य हो।

सजा का भी प्रावधान

अगर महिला के जीवन को बचाने के लिए ऐसा करना जरूरी है तो गर्भावस्था के किसी भी चरण में गर्भपात कराया जा सकता है। असामान्य भ्रूण (फीटल अबनॉर्मिलिटी) के मामलों मे 24 हफ्ते के बाद गर्भपात पर फैसला लेने के लिए बिल में राज्य स्तरीय मेडिकल बोर्ड्स का गठन किया गया है। यदि ठोस वजह ना होने पर भी गर्भपात कराया जाता है तो पकड़े जाने पर 3 साल की सजा हो सकती है। यदि इसमें महिला की सहमति नहीं है तो दोषी को 10 साल या उम्र कैद की भी सजा हो सकती है।

यहां है गर्भपात की पूरी आजादी

कनाडा, चीन और रूस ऐसे देश हैं जहां महिलाएं अपनी मर्जी और पूरे हक से कभी भी गर्भपात करा सकती हैं।

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