आज से शुरू हुआ “मोर महापौर, मोर द्वार” अभियान, नेता प्रतिपक्ष ने उठाये अभियान के उपयोगिता पर सवाल

रायपुर। रायपुर नगर निगम के विभिन्न क्षेत्रों में आज से मोर महापौर मोर द्वार योजना शुरू होने जा रही है। इस योजना का शुभारंभ नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने बसों को हरी झंडी दिखा रवाना करके किया। आज से रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर स्वयं विभिन्न पार्षदों और अफसरों की टीम के साथ नगर निगम के अलग-अलग भागों में पहुंचकर आम जनता से उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास करेंगे।

ये भी पढ़ें – आज जशपुर समेत रायपुर और दुर्ग का दौरा करेंगे सीएम बघेल, होंगे कई कार्यक्रमों में शामिल

इस योजना के बारे में महापौर एजाज़ ढेबर ने बताया कि ये शिविर अपने आप में महत्वपूर्ण है। क्योंकि हम जनता के बीच में स्वयं जा रहे हैं और उनसे खुद पूछ रहे हैं कि आपकी समस्या क्या है। समस्या जानने के बाद उसका समाधान तत्काल प्रभाव से करने का प्रयास करेंगे। इससे लोगों का काम तत्काल प्रभाव से होगा।

जलभराव पर बोले महापौर “पानी गिरेगा तो कही न कही तो जायेगा”

शहर में बरसात के दिनों में होने वाले सड़कों और विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को लेकर महापौर ने कहा कि जो भी जलभराव की स्थिति होती है, इस कार्यक्रम के दौरान हमें ऑन द स्पॉट दिखेगी। हम सामने जाकर वेरिफिकेशन भी करेंगे।

वहीं इसी बीच महापौर ने जलभराव की समस्या को मुंबई के जलभराव की समस्या से तुलना करते हुए कहा कि “पानी यदि गिरेगा तो जब मुंबई जैसे शहर पूरी तरह से भर जाते हैं जो महानगर पालिका निगम है, तो हमारा रायपुर शहर पानी गिरेगा तो कहीं ना कहीं पानी जाएगा। हालांकि इस बार बहुत सारे नालों का और बहुत सारी जगह नालियों का भी काम चल रहा है। जिससे मुझे लगता है कि यह समस्या इस बार इतनी गंभीर नहीं होगी और थोड़ी बहुत ही समस्या हो सकती है।

नेता प्रतिपक्ष ने उठाये अभियान की उपयोगिता पर सवाल

वहीं नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने “मोर महापौर मोर द्वार” अभियान की उपयोगिता पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि पिछली बार ये कार्यक्रम “तुंहर सरकार तुंहर द्वार” के नाम से किया गया था। अब इसका नाम बदलकर “मोर महापौर मोर द्वार” कर दिया गया है। पिछले बार “तुंहर सरकार तुंहर द्वार” के अंतर्गत आये मामलों का ही पूरी तरह निराकरण नहीं हो पाया था। आम जनता को दिखावे से मतलब नहीं है, उन्हें काम से मतलब है।

उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम एक प्रकार से प्रायोजित है। इसकी क्या प्रमाणिकता है कि महापौर को समस्या बताने उनके ही लोग फ़ोन नहीं करेंगे। नगर निगम के पास फंड की कमी है। महापौर को अपनी सरकार से फंड लाना चाहिए और इस तरह के दिखावे से बचना चाहिए।

जलभराव के बयान पर नेता प्रतिपक्ष ने कसा तंज

नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष मीनल चौबे ने महापौर के जलभराव पर दिए बयान पर तंज कसते हुए कहा कि मैं इस तरह के बयान कही से भी सही नहीं मानती। आपको समाधान ढूँढना चाहिए। वे समस्या का समाधान करने के बदले इस तरह के उदहारण दे रहें हैं। ये महापौर की विफलता है कि वे किसी भी चीज़ को मानते नहीं है। शहर के प्रथम नागरिक से इस तरह का बयान अच्छा नहीं लगता। उनकी बातों में गंभीरता होनी चाहिए। आप समस्या का समाधान तो नहीं कर पाते लेकिन अलग अलग जगहों के समस्या से तुलना कर के बच जाते हैं। पुरे गर्मी में पेयजल की समस्या रही पर महापौर ने कही पेयजल की समस्या को नहीं माना।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर

Back to top button