राजधानी रायपुर के प्रमुख बाजारों और सड़कों पर यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए नगर निगम और यातायात पुलिस ने बड़े संयुक्त अभियान की तैयारी कर ली है। महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर की सड़कों को “सुगम और अतिक्रमण मुक्त” बनाना ही हमारा प्राथमिक लक्ष्य है।
रायपुर के व्यस्त बाजारों (जैसे गोल बाजार, मालवीय रोड) में अवैध कब्जे और सड़कों पर खड़े कंडम वाहनों की वजह से हर दिन हजारों नागरिक ट्रैफिक जाम में फंसते हैं। इस अभियान के सफल होने से न केवल व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी, बल्कि आपातकालीन वाहनों (एम्बुलेंस-फायर ब्रिगेड) की आवाजाही भी आसान होगी।
18 चौक-चौराहों पर चलेगा विशेष सफाई अभियान
महापौर ने नगर निगम मुख्यालय में हुई बैठक में 18 प्रमुख चौक-चौराहों को चिन्हित कर उन्हें अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त करने का आदेश दिया है। निगम आयुक्त विश्वदीप ने साफ किया कि बाजारों में यातायात सुगम रखने के लिए नियमित अभियान चलाया जाएगा। दुकानदारों को पहले समझाइश दी जाएगी, जिसके बाद सड़क पर रखे सामानों को जब्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
कंडम वाहनों की होगी नीलामी
ट्रैफिक जाम की एक बड़ी वजह सड़कों के किनारे लावारिस पड़े पुराने वाहन हैं। यातायात एएसपी विवेक शुक्ला ने बैठक में घोषणा की कि सड़क मार्गो से जब्त किए गए कंडम वाहनों की सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। साथ ही, शहर में रोड मार्किंग, जेब्रा क्रॉसिंग और ट्रैफिक सिग्नल को दुरुस्त करने का काम भी युद्ध स्तर पर शुरू होगा।
समन्वय से सुलझेगी जाम की गुत्थी
महापौर ने नगर निवेश विभाग और यातायात पुलिस को आपसी समन्वय (Co-ordination) के साथ काम करने को कहा है। बैठक में नगर निवेशक आभाष मिश्रा, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही और कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि क्रेन की सहायता से सड़कों पर बाधक बनने वाले वाहनों को तुरंत हटाया जाए।
- चिन्हित स्थल: रायपुर के 18 प्रमुख चौक-चौराहे अतिक्रमण मुक्त होंगे।
- बड़ी कार्यवाही: सड़कों पर खड़े कंडम वाहनों की होगी सार्वजनिक नीलामी।
- निर्देश: रोड मार्किंग, जेब्रा क्रॉसिंग और स्पीड ब्रेकर का होगा तत्काल सुधारीकरण।
- रणनीति: अवैध कब्जाधारियों को समझाइश के बाद सामान जब्ती की कार्यवाही।
आने वाले दिनों में रायपुर की सड़कों पर नगर निगम और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम की ‘स्ट्राइक’ नजर आएगी। विशेष रूप से व्यस्त समय (Peak Hours) के दौरान सड़कों को क्लियर रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया जा सकता है।


