भाजपा और शिंदे गुट के बीच सरकार बनाने को लेकर मंथन जारी

मुंबई। महाराष्ट्र में राकांपा गठबंधन वाली शिवसेना की सरकार का गिरना लगभग तय हो गया है। सरकार बचने के लिए सीएम उद्धव ठाकरे के सभी प्रयास विफल हो गए हैं। एकनाथ शिंदे गुट के बागी विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से मिले रक्षा कवच के बाद भाजपा सक्रिय हो गई है। भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट के बीच तो अब सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।सूत्रों से  मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा और शिंदे गुट के बीच सरकार बनाने को लेकर मंथन जारी है और मंत्री पदों के बंटवारे का भी खाका लगभग फाइनल हो गया है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने 29 मंत्री पद अपने पास रखने का फैसला लिया है और एकनाथ शिंदे गुट को 13 मंत्री पद दिए जा सकते हैं। इनमें से 8 लोगों को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है और 8 लोगों को राज्य मंत्री बनाने की तैयारी है।


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भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने की स्थिति में एकनाथ शिंदे, उदय सामंत, दादा भुसे, गुलाबराव पाटिल और दीपक केसरकर को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। कहा यह भी जा रहा है कि एकनाथ शिंदे गुट की ओर से डिप्टी सीएम के पद को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि अब तक इसे लेकर सहमति नहीं बन सकी है। चर्चाएं हैं कि भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की तरफ से जल्दी ही विश्वास मत प्रस्ताव की मांग राज्यपाल से की जा सकती है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया था कि 15 बागियों को विधानसभा के डिप्टी स्पीकर की ओर से अयोग्य ठहराने पर जो नोटिस मिला है, वे उस पर 12 जुलाई तक जवाब दे सकते हैं।


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ऐसे में विधायकों की सदस्यता अगले दो सप्ताह तक सुरक्षित है और वे विधानसभा में मतदान कर सकते हैं। भाजपा और शिंदे गुट दो विकल्पों पर विचार कर रहा है। पहला विकल्प यह है कि बागी विधायकों को पूरी सुरक्षा के बीच विधानसभा में वोटिंग के लिए लाया जाए। इसके अलावा बागी विधायकों की गैर-हाजिरी में कैसे बहुमत साबित किया जा सकता है। इस पर भी भाजपा मंथन कर रही है। दरअसल मुंबई आने पर कुछ विधायकों की राय बदलने और शिवसेना के प्रभाव में आने का भी रिस्क है। ऐसे में भाजपा दूसरे विकल्प पर भी विचार कर सकती है।


संजय राउत ने दी नसीहत, पीएम मोदी की पार्टी न दे दखल
इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने भाजपा को पीएम नरेंद्र मोदी का नाम ले नसीहत दी है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उस पार्टी को इस पूरे मसले से अलग रहना चाहिए, जिसकी लीडरशिप पीएम मोदी करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बागी विधायकों को गुवाहाटी में ही आराम करने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा, ‘उनके लिए 11 जुलाई तक वहां आराम करने के आदेश हैं। महाराष्ट्र में उनके लिए कोई काम नहीं है।’ साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह भी ‘वेट एंड वॉच’ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी के सभी विधायक बागी नहीं हैं।

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