इस जिले के अधिकारियों ने बनाया नॉन स्टॉप दौरे का अनोखा रिकॉर्ड, दिन भर दौरे के बाद रात ग्रामीणों के बीच गुजारी, सुबह फिर निकल पड़े गांववालों से मिलने

बालोद। हाल ही में इस जिले की कलेक्टरी संभालने वाले डॉ गौरव कुमार सिंह ने जिले के 3 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है। बालोद कलेक्टर डॉ गौरव कुमार, एसपी जितेंद्र कुमार यादव, डीएफओ आयुष जैन व जिला पंचायत सीईओ रेणुका श्रीवास्तव ने लगातार 30 घंटे तक ग्रामीण इलाकों व जिले के अलग-अलग विभागों, स्कूलों और हॉस्टल का दौरा किया।

इन अधिकारियों ने अपने इस दौरे की शुरुआत बुधवार दोपहर से करने के बाद रात वनांचल क्षेत्र के एक गांव हितापठार में बिताई। इस दौरान कलेक्टर ने रात को ही गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणो की समस्या सुनीं तो वहीं छोटे-छोटे बच्चों के साथ हंसी-मजाक करते भी नजर आए।

जिले के अंतिम इलाके का दौरा

कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह ने 06 और 07 जुलाई को अपने 02 दिवसीय दौरा कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव एवं वनमण्डलाधिकारी आयुष जैन सहित जिला प्रशासन के अन्य आला अधिकारियों के साथ जिले के अंतिम छोर में स्थित डौण्डीलोहारा और डौण्डी विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर वहां चल रहे विकास कार्यों की वास्तविक हालात की जानकारी ली। पहले दिन कलेक्टर डाॅ. सिंह बुधवार 06 जुलाई को डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम घीना, कोसमी सहित सुदूर वनांचल के ग्राम मंगचुआ एवं हितापठार आदि गांवों का भ्रमण कर विकास कार्यों का जायजा लिया।

वन्यग्राम में गुजारी रात

पहले दिन जहां जंगलो के बीच हितापठार के छात्रावास में कलेक्टर एसपी रात वही अगले दिन सुबह से ही पहले गांव भ्रमण किया और उसके बाद अन्य गांवों का दौरे पर निकल गए। इस दौरान कलेक्टर और एसपी लगातर ग्रामीणो से मिलकर गांव में चल रहे विकासकार्यो का भी जायजा लिया वहीं अन्य संबंधित अधिकारियों को ग्रामीणो की समस्याओं को दूर करने के भी निर्देश दिए।

एकलव्य के बच्चों के बीच किया भोजन

अपने इस दौरे में कलेक्टर एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्रावास में पहुंचकर बच्चो से मिले और उनके साथ भोजन करते हुए उनकी शैक्षणिक व सुविधाओं की जानकारी ली। इस पूरे दौरे को लेकर बालोद कलेक्टर ने कहा कि गांव में चाहे विकास हों या समस्या, इसे जानने के लिए लोगों के बीच होना जरूरी होता है, और इसलिए हमने लोगों के बीच पहुंच कर उनके साथ जमीन पर बैठकर समस्याओं को सुना ताकि समाधान निकल सके।

वहीं एसपी ने कहा कि प्रशासन के साथ पुलिस गांव तक पहुंच रही तो ग्रामीणो के साथ पुलिस की भी आउटरीच (पहुंच) बढ़ रही है, साथ ही ग्रामीण इलाकों में पुलिस कर्मियों का भी फीडबैक ग्रामीणो से प्राप्त हो रहा है। साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुलझाने में आसानी होगी।

बता दें कि बालोद जिले में एसपी-कलेक्टर के दौरे तो पहले भी हुए हैं मगर पहली बार ऐसा देखने को मिला जब एसपी और कलेक्टर खुद रात को वनांचल इलाको में पहुंच रहे है और ग्रामीणो की समस्याओं से अवगत हो रहे हैं, जिले के इन दो बड़े अधिकारियों के इस दौरे से अधीनस्थ अधिकारियों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी हुई है, तो वहीं जिले के नए मुखिया का नया अंदाज लोगो को भी काफी पसंद आ रहा है।

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