नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की काली पूजा देश भर में मशहूर है और यहां हजारों की संख्या में लोग देश के अन्य राज्यों से काली पूजा में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा मां काली पर अभद्र टिप्पणी करने के बाद करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई है। सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ देश भर में आक्रोश फैल रहा है और नाराजगी जाहिर कर रहे हैं ।

पार्टी के नेता ही लगातार उनके खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। अब राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने मोइत्रा के बयान पर आपत्ति जताई है। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर भी सफाई दी है। इधर, टीएमसी ही नहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी सांसद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

देव ने कहा कि कोई भी सीएम बनर्जी का अपमान नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘पूरा बंगाल जानता है कि ममता बनर्जी मां काली के बारे में क्या सोचती है और उस विचार को की नहीं बदल सकता।’ खास बात है कि मां काली पर बयान के बाद खड़े हुए विवाद पर मोइत्रा को बनर्जी की तरफ से कोई समर्थन नहीं मिला था। इससे पहले टीएमसी के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने भी कहा था कि पार्टी मोइत्रा के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा था, ‘जो उन्होंने पोस्टर और मां काली को लेकर कहा था, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है।

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क्या है पोस्टर और बयान विवाद

एक डॉक्यूमेंट्री पोस्टर हुए विवाद के बीच मोइत्रा ने कहा था, ‘मेरे लिए काली मांस खाने और शराब स्वीकार करने वाली देवी है। आपको अपनी देवी की कल्पना करने की आजादी है। कुछ स्थान हैं, जहां देवताओं को शराब पेश की जाती है और कुछ अन्य जगहों पर इसे ईशनिंदा माना जाता है। उनके इस बयान को लेकर टीएमसी ने भी सफाई दी कि पार्टी इसका समर्थन नहीं करती है और यह उनके विचार हैं।
हाल ही में फिल्मकार लीना मणिमेकलाई की एक फिल्म का पोस्टर सामने आया था, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। कहा जा रहा था कि यह पोस्टर हिंदू देवी का अपमान है और यह धार्मिक भावनाओं को आहत करता है।

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