आईएएस का टोटा, फिर भी डेपुटेशन के लिए तत्पर हैं अफसर

0 स्वीकृत 193 पद, मिले 163, इसमें 18 प्रतिनियुक्ति पर

विशेष संवादाता। टीआरपी
रायपुर। राज्य में एक तो काम के IAS अफसर की संख्या कम है, जो हैं वो भी सेन्ट्रल और इंटर स्टेट डेपुटेशन पर जाने तत्पर हैं। पहले से ही केंद्र ने छत्तीसगढ़ को ज़रूरत के मुताबिक आईएएस नहीं दिया, उस पर सीनियर और तेज तर्रार आईएएस को प्रतिनियुक्ति पर बुला लिया है। इससे प्रदेश में आईएएस अधिकारियों का टोटा पड़ना लाज़मी है।

छत्तीसगढ़ में IAS के 193 पद स्वीकृत हैं, लेकिन अभी भी सिर्फ 163 ही उपलब्ध हैं। तुर्रा यह कि राज्य के सबसे सीनियर आईएएस बीवीआर सुब्रमण्यम समेत 18 अफसर डेपुटेशन पर हैं। IAS काडर में अफसरों की कमी तो है ही, जानकारों का मानना है कि अगर केंद्र सरकार के पास राज्य की सहमति के बगैर अफसरों को एकतरफा डेपुटेशन पर बुला लेने का पाॅवर रहेगा तो इससे राज्य अफसरों की कमी होगी ही। खासकर ऐसी स्थिति में जब किसी अच्छे अफसर को केंद्र सरकार बुला लेगी तो राज्य में प्रशासनिक परेशानी होती ही है।

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विदित हो कि राज्य बनने के बाद सीएम अजीत जोगी और बाद में डॉ. रमन सिंह ने आईएएस अधिकारियों की कमी को लेकर केंद्र सरकार से लगातार बातचीत की। इसके बाद छत्तीसगढ़ के लिए आईएएस अफसरों की संख्या बढ़ी थी। फिर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आते ही यह संख्या 193 पहुंची पर स्वीकृत कैडर से 30 पद कम मिले और उपलब्ध अधिकारियों में महज़ 5 साल में 18 आईएएस के प्रतिनियुक्ति पर जाने से प्रशासनिक प्रबंधन में असर पड़ना लाजिमी है। नए जिलों की घोषणा और सेटअप के अधिकारीयों के नहीं होने से कैडर के मुताबिक सेटअप भी बनाने में मुश्किल होगी ही। देखें तो ज्ञात होगा कि वर्तमान में प्रमुख सचिव स्तर के आईएएस अफसर की संख्या तक पर्याप्त नहीं है।

नए जिलों के बनने से बढ़ी जरुरत

चार नए जिलों के ऐलान के बाद राज्य की ओर से केंद्र को कैडर रीव्यू का प्रस्ताव भेजा गया है। चार कलेक्टर के साथ-साथ जिला पंचायत सीईओ के हिसाब से अतिरिक्त आईएएस की जरूरत पड़ेगी। दरअसल, IAS कैडर के पदों पर आईएफएस और आईपीएस की नियुक्ति के विरोध के बाद आईएएस सोसिएशन ने 250 अफसरों की जरूरत बताई थी। इसके हिसाब से राज्य ने जब प्रस्ताव भेजा था, तब केंद्र ने छोटे राज्य के हिसाब से सिर्फ 203 पद स्वीकृत किए थे। इन पांच सालों में पांच नए जिले बने हैं। यह भी संभावना है कि चुनावी मौसम से पहले और भी नए जिले की घोषणा हो सकती है।

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यह है कैडर सेटअप

मुख्य सचिव, अध्यक्ष राजस्व मंडल, एपीसी के 1-1 पद, प्रमुख सचिव के 7, सचिवों के 11 पद, अतिरिक्त सचिव-संयुक्त सचिव-उप सचिवों के 14, संभागायुक्त -5, महानिदेशक प्रशासन अकादमी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, सदस्य राजस्व मंडल, 11 सीईओ, नगर निगम कमिश्नर के अलावा डायरेक्टर के पद। आयुक्त वाणिज्यिक कर, आयुक्त छग शासन (दिल्ली में) पंजीयक सहकारिता, आयुक्त श्रम,आयुक्त अजाक, उद्योग आयुक्त, विकास आयुक्त, कृषि आयुक्त, परिवहन आयुक्त और आयुक्त भू-अभिलेख के 1-1 पद, 27 जिला कलेक्टर, 11 सीईओ जिला पंचायत और ईडी डीआरडीए, 2 नगर-निगम कमिश्नर के अलावा 10 पद डायरेक्टरों के भी शामिल हैं।

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