0 छोटे जोगी, भाजपा प्रवेश और पार्टी के एकनाथ शिंदे बनने का लग रहा है आरोप

विशेष संवादाता, रायपुर
छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत प्रमोद जोगी की पार्टी में खलबली मच गई है। उनके और देवव्रत शिन के निधन के बाद बचे महज तीन विधायकों वाली जनता कांग्रेस से विधायक दाल के नेता लोरमी विधायक धरमजीत सिंह को ही निष्कासित किये जाने के बाद विवाद गहरा गया है। पार्टी सुप्रीमो की पत्नी और विधायक रेणु जोगी प्रदेश अध्यक्ष पुत्र अमित जोगी ने धरमजीत का निष्कासन कर विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत को भी संपर्क कर प्रक्रिया पूरी कर लिए है। कहा जा रहा है कि धर्मजीत, अपने साथी विधायक प्रमोद शर्मा के साथ मिलकर अलग दल बनाने के फेर में थे। चर्चा है कि उन्होंने इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत से समय भी मांगा था। लेकिन पार्टी के मुखिया अमित जोगी ने पहले ही निष्कासित कर उनके इरादों पर पानी फेर दिया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि धर्मजीत सिंह, महाराष्ट्र के एकनाथ शिंदे की तर्ज पर प्रमोद शर्मा के साथ जनता कांग्रेस से अलग होना चाहते थे। हल्ला है कि विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात में इसको अमलीजामा पहनाने वाले भी थे। कुछ दिन पहले उनकी भाजपा की तत्कालीन प्रभारी डी पुरन्देश्वरी के साथ बैठक भी हुई थी। धर्मजीत को पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह का पूरा साथ मिल रहा था। सूत्र बताते हैं कि धर्मजीत की विधायक दल को तोडक़र अलग पार्टी बनाने की मंशा थी, और बाद में फिर नई पार्टी का भाजपा में विलय कराने की रणनीति थी। इन आरोपों में कितनी सच्चाई है इसका खुलासा आज दोपहर स्वयं धरमजीत सिंह मिडिया के सामने करेंगे। रायपुर प्रेस क्लब में ढाई बजे लोरमी विधायक श्री सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी आरोपों और सवालों का जवाब देंगे। बता दें जेसीसीजे में वर्तमान में 3 विधायक हैं जिसमे से 2 के अलग पार्टी बनाने अंदेशा या फिर दाल में कब्ज़ा करने के लिए 2 तिहाई विधायकों का समर्थन चाहिए होता है। ऐसे में श्री सिंह की मंशा पता चलते ही जोगी परिवार ने तत्त्काल एक्शन लेकर पार्टी को टूटने और कब्ज़ा होने से बचा लिया है।